ताज़ा खबरेंविदेश

हमारा टारगेट चीन, दोस्त भारत के साथ ऐसा व्यवहार क्यों? निक्की हेली की ट्रंप को नसीहत

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप सरकार की नीतियों की अब देश में ही कड़ी आलोचना होने लगी है. लगातार भारत पर टैरिफ लगाने के ट्रंप के फैसले के बाद से ही एक्सपर्ट और पॉलिटिकल लीडर्स भी उनकी आलोचना करने लगे हैं. इस कड़ी में अब अमेरिका की दिग्गज नेता और यूएन में अमेरिका की पूर्व राजदूत निक्की हेली ने ट्रंप की इस नीति की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने ‘न्‍यूजवीक’ में लिखे अपने आर्टिकल में कहा, कि चार दशक बाद अमेरिका-भारत का संबंध एक अहम मोड़ पर खड़ा दिखाई दे रहा है.

 

उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका चीन की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं पर लगाम लगाना चाहता है तो उसे भारत के साथ संबंधों को प्राथमिकता देनी होगी.

 

बुधवार (20 अगस्त 2025) को न्यूजवीक में प्रकाशित एक लेख में हेली ने लिखा कि अमेरिका को सबसे महत्वपूर्ण बात को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए कि हमारा टारगेट चीन है. उसका सामना करने के लिए अमेरिका के पास भारत के रूप में एक दोस्त होना चाहिए.

निक्‍की हेली ने अपने लेख में लिखा कि डोनाल्ड ट्रंप सरकार की विदेश नीति के दो प्रमुख लक्ष्य (चीन को पछाड़ना और शक्ति के जरिए शांति) हासिल करने में भारत अहम भूमिका निभा सकता है. बावजूद इसके हालिया घटनाक्रमों ने अमेरिका-भारत रिश्तों में तनाव बढ़ा दिया है. उन्‍होंने लिखा, ‘पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिका की ट्रंप सरकार ने भारत को रूसी तेल की खरीद पर 25% टैरिफ की धमकी दी है. यह कदम पहले से ही भारतीय उत्पादों पर लगाए गए 25% शुल्क के बाद आया है. यह तनाव उस समय और गहरा गया जब अमेरिका की भूमिका भारत-पाकिस्तान संघर्षविराम वार्ता में सवालों के घेरे में आई. ट्रंप का मानना है कि भारत की रूसी तेल पर निर्भरता व्लादिमीर पुतिन के यूक्रेन युद्ध को मदद पहुंचा रही है. साथ ही भारत लंबे समय से एक ‘प्रोटेक्शनिस्ट इकॉनमी’ यानी संरक्षणवादी अर्थव्यवस्था रहा है, जिसकी औसत टैरिफ दर अमेरिका से पांच गुना अधिक बताई गई.’

If you want to fact-check any story, WhatsApp it now on +91 11 7127 9799 or Click Here

 

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
Back to top button