ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में बहस: जानिए राजनाथ सिंह के भाषण के 10 अहम बिंदु

आज संसद के मानसून सत्र के छठे दिन लोकसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा हुई। विपक्ष जहां सरकार से सवाल करता नजर आया, वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूरी मजबूती से सरकार और सेनाओं का पक्ष रखा। उन्होंने अपने संबोधन में पाकिस्तान, आतंकवाद, शांति प्रयासों और सैन्य रणनीति से लेकर विपक्ष के सवालों तक हर मुद्दे पर खुलकर जवाब दिया।
सेना को देश की तरफ से नमन
राजनाथ सिंह ने कहा, “मैं पूरे देश की ओर से हमारी बहादुर सेनाओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता हूं।” उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का परिचायक है और यह एक प्रभावशाली व निर्णायक सैन्य कार्रवाई थी।
भारत की शांति की कोशिशों को कमजोरी समझा गया
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत हमेशा शांति चाहता रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी लाहौर शांति यात्रा पर गए, लेकिन पाकिस्तान ने पीठ में छुरा घोंपा।
उन्होंने कहा,“हमारी शांति की पहल को हमारी उदारता मान लिया गया। जब हम दोस्ती की राह पर थे, तो वे साजिश रच रहे थे।”
परमाणु धमकी पर अटल जी का करारा जवाब
उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तान ने परमाणु हमले की धमकी दी, तब अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था: “परमाणु हमले से हमारा तो कुछ नहीं बिगड़ेगा, लेकिन पाकिस्तान कल का सूरज नहीं देख पाएगा।”
मोदी सरकार ने भी दिया था दोस्ती का मौका
राजनाथ सिंह ने याद दिलाया कि 2015 में पीएम मोदी ने लाहौर जाकर नवाज़ शरीफ से मुलाकात की। उन्होंने कहा,“हमारी प्रवृत्ति बुद्ध की है, युद्ध की नहीं। लेकिन अब हमने स्पष्ट कर दिया है कि बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते।”
ऑपरेशन सिंदूर: 22 मिनट में आतंकियों का खात्मा
उन्होंने बताया कि 6-7 मई की रात ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ, जिसमें पीओके के मुजफ्फराबाद, कोटली, बहावलपुर, मुरीदके और सरजाल जैसे क्षेत्रों में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा, “हमारी सेना ने 22 मिनट में सटीक हमले कर 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया।”
पाकिस्तान को मिला करारा जवाब
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद करने के बाद भी संयम रखा, लेकिन 7-8 मई की रात पाकिस्तान ने उकसावे की कार्रवाई करते हुए भारतीय ठिकानों पर हमला किया। उन्होंने कहा,“हमारी इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम, S-400 और आकाश मिसाइलें पूरी तरह प्रभावी साबित हुईं।”
ऑपरेशन किसी दबाव में नहीं रोका गया
राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर तभी रोका गया जब इसके सभी उद्देश्य पूरे हो गए। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना का मनोबल चरम पर है और उन्होंने देश का स्वाभिमान और सीमा दोनों की रक्षा की।
तीनों सेनाओं का अभूतपूर्व समन्वय
राजनाथ सिंह ने कहा कि यह ऑपरेशन तीनों सेनाओं — थलसेना, वायुसेना और नौसेना — के बेहतरीन समन्वय का उदाहरण था। उन्होंने कहा,”नौसेना ने उत्तरी सीमाओं पर अपनी तैनाती बढ़ा दी थी। भारत समुद्र से लेकर ज़मीन तक हमला करने की ताकत रखता है।”
अब हमने ‘सुदर्शन चक्र’ उठा लिया है
राजनाथ सिंह ने कहा,“दुष्ट के साथ दुष्टता का ही व्यवहार करना पड़ता है। हमने भगवान कृष्ण से सीखा है — 100 गलतियाँ माफ, लेकिन अब हमने सुदर्शन चक्र उठा लिया है।” उन्होंने कहा कि भारत पहले दोस्ती का हाथ बढ़ाता है, लेकिन अगर कोई धोखा दे, तो उसकी कलाई भी मरोड़ना जानता है।
विपक्ष पर तीखा हमला
राजनाथ सिंह ने विपक्ष को भी घेरा और कहा,“विपक्ष पूछता है कि हमारे कितने विमान गिरे, लेकिन कभी ये नहीं पूछा कि हमने दुश्मन के कितने गिराए।” उन्होंने कहा कि विपक्ष बड़े मुद्दों से ध्यान भटकाकर छोटे सवाल पूछ रहा है, जबकि उन्हें पूछना चाहिए था — “क्या भारत ने आतंकी ठिकानों को तबाह किया? हां।
क्या ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा? हां।”




