Monsoon Session: मानसून सत्र में विपक्ष करेगी मोदी सरकार पर वार

संसद का मानसून सत्र आज हंगामेदार तरीके से शुरू होने वाला है. विपक्षी दल पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर, बिहार विशेष गहन समीक्षा (एसआईआर) और एयर इंडिया (एआई) 171 विमान दुर्घटना सहित कई प्रमुख मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है.
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच शांति वार्ता कराने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार किए गए दावों पर भी विपक्ष सरकार को घेर सकता है.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद संसद का यह पहला सत्र है. यह पहलगाम आतंकी हमले के बाद आतंकी शिविरों पर भारत द्वारा किया गया सटीक हमला था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे.
इस सत्र के हंगामेदार रहने के भी आसार हैं. बताया जा रहा है कि विपक्ष ने 8 मुद्दे तैयार किए हैं, जिनपर वो सरकार की घेरेबंदी करेगा. रणदीप सुरजेवाला ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की मांग करते हुए नोटिस दिया है.
ओम बिरला की अपील
संसद सत्र से पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी सांसदों से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने की अपील की है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा, ’18वीं लोक सभा का पांचवां सत्र (मानसून सत्र) आज से प्रारंभ हो रहा है. लोकतंत्र के इस पवित्र मंदिर में जनाकांक्षाओं की अभिव्यक्ति और राष्ट्रीय हितों की संरक्षण हेतु हम सभी प्रतिनिधियों की सामूहिक भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. मानसून सत्र से पूर्व मेरा सभी दलों के नेताओं एवं माननीय सदस्यों से आग्रह है कि वे सदन के सुचारु संचालन, रचनात्मक विमर्श और स्वस्थ लोकतांत्रिक संवाद में अपना सहयोग दें, ताकि हम समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और आर्थिक प्रगति के लिए ठोस कदम उठा सकें.’
18वीं लोक सभा का पाँचवां सत्र (मानसून सत्र) आज से प्रारंभ हो रहा है। लोकतंत्र के इस पवित्र मंदिर में जनाकांक्षाओं की अभिव्यक्ति और राष्ट्रीय हितों की संरक्षण हेतु हम सभी प्रतिनिधियों की सामूहिक भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मानसून सत्र से पूर्व मेरा सभी दलों के नेताओं एवं माननीय… pic.twitter.com/7F8vEfV7YK— Om Birla (@ombirlakota) July 21, 2025
उन्होंने आगे लिखा, आशा है कि लोकतंत्र की गरिमा, संसद की प्रतिष्ठा और जनहित की प्राथमिकता जैसे मूल्यों को समर्पित यह मानसून सत्र सार्थक और सफल होगा तथा हम सब मिलकर लोकतांत्रिक चेतना, विविधता में एकता और संवैधानिक मूल्यों को और अधिक सशक्त करने की दिशा में सार्थक योगदान देंगे.





