भारत-दक्षिण कोरिया साझेदारी के 10 साल पूरे, पीएम मोदी से मिले कोरियाई दूत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दक्षिण कोरिया के विशेष दूतों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। यह मुलाकात भारत और दक्षिण कोरिया के बीच रणनीतिक साझेदारी के 10 साल पूरे होने के मौके पर हुई। पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच मजबूत होते संबंधों की सराहना की और कहा कि यह सहयोग इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट में लिखा, “दक्षिण कोरिया के विशेष दूतों का प्रतिनिधिमंडल पाकर खुशी हुई। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व श्री किम बू क्युम कर रहे थे। पिछले महीने राष्ट्रपति जे म्युंग ली से हुई सकारात्मक मुलाकात को याद किया।”
प्रधानमंत्री ने भारत और कोरिया के बीच सहयोग के कई क्षेत्रों को रेखांकित किया, जिनमें नवाचार (इनोवेशन), रक्षा, शिपबिल्डिंग और स्किल्ड मोबिलिटी शामिल हैं। उन्होंने कहा, “भारत-दक्षिण कोरिया की विशेष रणनीतिक साझेदारी जो 10 साल पूरे कर रही है, वह निरंतर आगे बढ़ रही है। यह साझेदारी रक्षा से लेकर नवाचार, जहाज निर्माण और कुशल श्रमिकों की आवाजाही तक फैली है।”
Delighted to receive the delegation of Special Envoys from the Republic of Korea led by Mr. Kim Boo Kyum. Recalled my positive meeting with President @Jaemyung_Lee last month. India–ROK Special Strategic Partnership, which completes 10 years, continues to grow from innovation and… pic.twitter.com/3N1V0WSFe1
— Narendra Modi (@narendramodi) July 17, 2025
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले महीने 17 जून को कनाडा के कनानास्किस में आयोजित 51वें जी-7 शिखर सम्मेलन के मौके पर दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, तकनीक और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे मुद्दों पर चर्चा की थी। इससे पहले 11 जून को भारत के सचिव (पूर्व) पी. कुमारन ने पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के मौके पर दक्षिण कोरिया के राजनीतिक मामलों के उपमंत्री चुंग ब्योंग-वोन से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को और बढ़ाने पर चर्चा हुई थी।
मई महीने में भारत के दक्षिण कोरिया में राजदूत अमित कुमार ने कहा था कि दोनों देशों के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के तहत व्यापार, तकनीक और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में कई नए अवसर सामने आ रहे हैं। राजदूत ने एएनआई से बातचीत में बताया कि भारत-दक्षिण कोरिया का रिश्ता अब राजनीतिक, आर्थिक, सुरक्षा और तकनीकी क्षेत्रों तक विस्तृत हो चुका है और इसमें आगे भी तेज़ी से विकास की संभावना है।





