ईरान-इज़राइल तनाव के बीच बोले ट्रंप: “हम पर हमला हुआ तो अमेरिका पूरी ताकत से जवाब देगा”

मध्य पूर्व में ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर अमेरिका पर किसी भी तरह का हमला हुआ, तो अमेरिकी सेना “ऐसी ताकत से पलटवार करेगी जो पहले कभी नहीं देखी गई”।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका इस युद्ध में शामिल नहीं है और अपने सहयोगी देशों को भी चेतावनी दी कि वे ईरान के जवाबी हमलों को रोकने के लिए इज़राइल की मदद न करें। उन्होंने दावा किया कि वे ईरान और इज़राइल के बीच समझौता करवा सकते हैं और इस “खूनी युद्ध” को खत्म कर सकते हैं।
रविवार को ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, “आज रात ईरान पर हुए हमले में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी। लेकिन अगर ईरान ने किसी भी रूप में हम पर हमला किया, तो अमेरिकी सेना अपनी पूरी ताकत के साथ जवाब देगी, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया। हालांकि, हम आसानी से ईरान और इज़राइल के बीच एक समझौता करवा सकते हैं और इस खूनी संघर्ष को खत्म कर सकते हैं।”
ईरान और इज़राइल के बीच जारी हमले-प्रत्यहमले में रविवार तड़के तक कम से कम 10 इज़राइली नागरिकों की मौत हो चुकी है। मृतकों में दो बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा सात लोग लापता हैं, जिनकी तलाश मलबे में की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, मारे गए छह लोग तेल अवीव के दक्षिण में स्थित बाट याम शहर के थे, जबकि चार लोग इज़राइल के उत्तरी अरब शहर तमरा में मारे गए।
रविवार सुबह इज़राइली वायुसेना ने तेहरान में ईरानी परमाणु हथियार परियोजना से जुड़े कई ठिकानों पर “खुफिया जानकारी पर आधारित बड़े हमले” किए। इज़राइली सेना के अनुसार, यह हमला ईरानी शासन की गतिविधियों को रोकने के मकसद से किया गया। वहीं, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए रविवार सुबह इज़राइल पर एक नई मिसाइलों की बारिश की। ईरान की सरकारी टीवी ने बताया कि “ऑपरेशन ऑनेस्ट प्रॉमिस 3 की नई लहर अभी कुछ मिनट पहले शुरू हुई है।”
ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोही गुट ने भी इज़राइल पर हमले की बात कबूल की है। एक टेलीविज़न बयान में हूती प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने “इज़राइली दुश्मन के संवेदनशील ठिकानों” पर सैन्य कार्रवाई की है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह हमला ईरान के साथ मिलकर “संगठित रूप से” किया गया।
इस तरह से ईरान-इज़राइल युद्ध अब धीरे-धीरे एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का रूप लेता जा रहा है, जिसमें अन्य देशों और गुटों की भागीदारी भी सामने आ रही है। दुनिया भर की निगाहें इस संघर्ष पर टिकी हैं, और कई देश जल्द से जल्द शांति बहाल होने की उम्मीद कर रहे हैं।





