भारत में कोविड-19 के सक्रिय केस 7,000 के पार, केरल सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य

भारत में एक बार फिर से कोविड-19 संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 7,154 हो गई है। वहीं, बीते 24 घंटे में संक्रमण के चलते तीन नई मौतें भी दर्ज की गई हैं—दो महाराष्ट्र में और एक मध्य प्रदेश में। इसके साथ ही वर्ष 2025 में कोविड से अब तक कुल 77 मौतें हो चुकी हैं। राहत की बात यह है कि इस साल अब तक 8,000 से अधिक मरीज संक्रमण से पूरी तरह ठीक भी हो चुके हैं।
कोविड की इस ताज़ा लहर में केरल सबसे अधिक प्रभावित राज्य बनकर उभरा है, जहां गुरुवार सुबह तक सक्रिय मामलों की संख्या 2,223 तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और दिल्ली में भी संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस उछाल की प्रमुख वजह ओमिक्रोन के नए सब-वेरिएंट्स—JN.1, NB.1.8.1, LF.7 और XFC—हैं, जो पहले के वेरिएंट्स की तुलना में अधिक संक्रामक हैं, हालांकि इनके लक्षण अपेक्षाकृत हल्के देखे जा रहे हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इन नए सब-वेरिएंट्स को “वेरिएंट्स अंडर मॉनिटरिंग” की श्रेणी में रखा है। यानी ये वेरिएंट अभी चिंता का कारण नहीं हैं, लेकिन इन पर नजर बनाए रखना जरूरी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी राज्यों को सतर्क रहने की सलाह दी है। साथ ही लोगों से मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने और भीड़भाड़ से बचने की अपील की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वायरस अब आपातकालीन खतरे की तरह नहीं बल्कि मौसमी बीमारियों की तरह व्यवहार करने लगा है, जैसे फ्लू या सर्दी-जुकाम। बावजूद इसके, नई लहर के संकेतों को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि लोग सतर्क रहें और स्वास्थ्य संबंधी दिशानिर्देशों का पालन करें।





