पाकिस्तान और Pok में भारतीय हमलों पर अमेरिका और चीन की प्रतिक्रिया

भारत द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी शिविरों पर मिसाइल हमले किए जाने के बाद बुधवार को वैश्विक नेताओं ने शांति बनाए रखने का आह्वान किया. पिछले महीने कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुए घातक आतंकवादी हमले के बाद परमाणु हथियार संपन्न पड़ोसियों के बीच तनाव बढ़ गया है.
अमेरिका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटनाक्रम को “शर्मनाक” बताया और तेजी से तनाव कम करने का आग्रह किया. ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, “हमने अभी इसके बारे में सुना है.” “मुझे लगता है कि लोगों को अतीत की कुछ घटनाओं के आधार पर पता था कि कुछ होने वाला है. वे लंबे समय से लड़ रहे हैं. मैं बस यही उम्मीद करता हूं कि यह बहुत जल्दी खत्म हो जाए.”
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक्स पर कहा कि अमेरिका “भारत और पाकिस्तान के बीच स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है” और दोनों देशों को “शांतिपूर्ण समाधान” की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए वाशिंगटन की प्रतिबद्धता की पुष्टि की.
वाशिंगटन में भारतीय दूतावास ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने रुबियो से बात की और उन्हें हमलों के बारे में जानकारी दी, जिसे भारत ने “केंद्रित, मापा हुआ और गैर-बढ़ाने वाला” बताया. संयुक्त राष्ट्र में, महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त की और दोनों देशों से “अधिकतम सैन्य संयम” दिखाने का आग्रह किया.
चीन
भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही स्थिति के बारे में मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बुधवार को कहा कि ‘चीन को आज सुबह भारत द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई खेदजनक लगती है. हम मौजूदा स्थिति को लेकर चिंतित हैं. भारत और पाकिस्तान हमेशा एक दूसरे के पड़ोसी हैं और रहेंगे. वे दोनों चीन के पड़ोसी भी हैं. चीन सभी तरह के आतंकवाद का विरोध करता है. हम दोनों पक्षों से शांति और स्थिरता के व्यापक हित में काम करने, शांत रहने, संयम बरतने और ऐसी कार्रवाई करने से बचने की गुजारिश करते हैं, जो स्थिति को और जटिल बना सकती है.’
भारत के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि बुधवार को सुबह-सुबह किए गए मिसाइल हमलों में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकवादी ढाँचे को निशाना बनाया गया, जिन्हें वह 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के लिए ज़िम्मेदार मानता है जिसमें 26 लोग मारे गए थे.
अधिकारियों ने बताया कि जिन नौ जगहों पर हमला किया गया, उनमें बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का परिसर शामिल है, जो दोनों पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित हैं. मंत्रालय ने कहा, “ये हमले हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं कि पहलगाम हमले के लिए ज़िम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा.”





