ताज़ा खबरें

10,000 से ज़्यादा सालों से विलुप्त डायर वुल्फ फिर से हुए जिंदा, साइंस ने दिखाया चमत्कार

अगर आप है गेम ऑफ थ्रोन्स के दिवाने तो आपको स्टार्क फैमली के वह सफेद भेड़िये तो याद ही होंगे. सफेद रंग के बेहद आकर्षक भेड़िए जिन्हें डायर वुल्फ कहा जाता है. हालांकि यह वुल्फ काल्पनिक माने जाते थे लेकिन अब नहीं क्योंकि 12500 साल पहले ही ये विलुप्त हो गए यह वुल्फ एक बार फिल जीवित हो गए हैं.

 

दरअसल, 12500 साल पहले ही ये विलुप्त हो गए यह वुल्फ को वैज्ञानिकों ने जेनेटिक इंजीनियरिंग के माध्यम से पुनर्जीवित किया है. इस टेक्नोलॉजी की मदद से डायर वुल्फ के तीन बच्चे पैदा हुए हैं. उनका नाम रोमुलस, रेमस और खलिसी है. वे अभी केवल तीन से लेकर छह महीने के हैं, लेकिन उनका आकार लगभग चार फीट का है और वजन 36 किलोग्राम से अधिक है.

 

टेक्सास स्थित कोलोसल बायोसाइंसेज ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, रोमुलस और रेमस से मिलिए – विलुप्त होने के बाद पुनर्जीवित होने वाले पहले जानवर. 10,000 साल पहले इतिहास से खोया हुआ भयानक भेड़िया वापस आ गया है. 1 अक्टूबर, 2024 को पुनर्जन्म लेने वाले इन अद्भुत पिल्लों को जीवाश्म अवशेषों से निकाले गए प्राचीन डीएनए का उपयोग करके वापस जीवित किया गया.

कोलोसल के को-फाउंडर और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) दोनों में जेनेटिक्स के प्रोफेसर जॉर्ज चर्च ने टाइम मैगजीन को बताया, “विचार यही है कि हम केवल ब्लड की एक शीशी ले सकते हैं, ईपीसी को अलग कर सकते हैं, उन्हें कल्चर कर सकते हैं, और उनसे क्लोन कर सकते हैं, और उनकी क्लोनिंग दक्षता काफी अधिक है, हमें लगता है कि यह एक गेम चेंजर है.”

 

बिलिनेयर एलन मस्क ने इस खबर पर रिएक्ट करते हुए अपनी ही रिक्वेस्ट सामने रख दी. मस्क ने अपनी पोस्ट को ही फिर से शेयर करते हुए एक्स पर पोस्ट किया, “प्लीज एक छोटा पालतू ऊनी मैमथ बना दीजिए.”

If you want to fact-check any story, WhatsApp it now on +91 11 7127 9799 or Click Here

 

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
Back to top button