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दिल्ली: गैस चैंबर में तब्दील हो रही है राजधानी, ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंचा AQI

दिल्ली: गैस चैंबर में तब्दील हो रही है राजधानी, ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंचा AQI

दिल्ली में एक बार फिर से वायु गुणवत्ता का स्तर गिरता जा रहा है। दिवाली व सर्दियों के दिन जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं राजधानी में AQI के स्तर में  गिरावट होती जा रही है। आज सोमवार सुबह इंडिया गेट और आसपास के इलाकों में धुंध की एक परत छाई हुई देखी गयी। सफर इंडिया के अनुसार वायु गुणवत्ता सूचकांक 307 पहुंच गया जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है।

बता दें कि रविवार को PM2.5 प्रदूषण में पराली जलाने का योगदान 1.7% रहा। हाला्ंकि, सोमवार, 21 अक्टूबर तक, योगदान 1% से अधिक बढ़ने की उम्मीद है, जो कुल प्रदूषण का 2.8% है। मंगलवार को स्थिति काफी खराब हो सकती है, तब शहर की हवा में PM2.5 सांद्रता में पराली जलाने का योगदान लगभग 7% होने का अनुमान है। इस बिगड़ती वायु गुणवत्ता का दिल्ली के एक्यूआई पर गंभीर प्रभाव पड़ता है, सोमवार को “बहुत खराब” श्रेणी में रहने के बाद अगले कुछ दिनों तक भी स्थिति ऐसी ही रहने की संभावना है।

राजधानी में बढ़ते प्रदूषण के बीच दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शनिवार को बताया कि दिल्ली में 7 अक्टूबर से धूल रोधी अभियान चलाया जा रहा है, जो 7 नवंबर तक चलेगा। इस अभियान के लिए 523 टीमों का गठन किया गया है, जिनमें 13 संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हैं। ये दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर चल रहे निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं और मानदंडों के उल्लंघन पर कार्रवाई कर रहे हैं।

गौरतलब है कि वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) पैमाने के अनुसार, शून्य और 50 के बीच रीडिंग को “अच्छा” माना जाता है, 51 से 100 के बीच रीडिंग “संतोषजनक” के अंतर्गत आती है, 101 से 200 के बीच “मध्यम” मानी जाती है, 201 से 300 के बीच रीडिंग को “खराब” के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। 301 से 400 को “बहुत खराब” और 401 से 500 को “गंभीर” माना जाता है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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