आंध्र प्रदेश के श्री वेंकटेश्वर मंदिर में भगदड़, 9 श्रद्धालुओं की मौत – पीएम मोदी ने जताया शोक

आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के कासिबुग्गा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में शनिवार को हुई भगदड़ में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। यह हादसा एकादशी उत्सव के दौरान हुआ, जब हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए मंदिर परिसर में जुटे हुए थे।
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, मंदिर में भीड़ अचानक बहुत बढ़ गई और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। इसी दौरान अफरातफरी और धक्का-मुक्की में कई लोग गिर पड़े, जिससे भगदड़ मच गई। राहत और बचाव टीमों के साथ स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। घटनास्थल से सामने आई तस्वीरों में कई श्रद्धालु बेहोश या घायल अवस्था में दिखे, जबकि राहतकर्मी और पुलिसकर्मी मौके पर लोगों की मदद करते नजर आए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गहरा ने शोक जताया, “आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हुई दुखद घटना में लोगों की जान जाने की खबर सुनकर स्तब्ध हूँ। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूँ और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूँ”
Shocked to learn about the loss of lives in a tragic incident at Sri Venkateswara Swamy Temple in Srikakulam, Andhra Pradesh. I extend my deepest condolences to the bereaved families and pray for quick recovery of those injured.
— President of India (@rashtrapatibhvn) November 1, 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से ₹2 लाख की सहायता राशि देने की घोषणा की है। वहीं, घायलों को ₹50,000 की आर्थिक मदद दी जाएगी। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि वह इस दुखद घटना से बेहद व्यथित हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
राज्य के कृषि मंत्री के. अच्चन्नायडू ने घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने इसे “बेहद हृदयविदारक” बताया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों को सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुविधा दी जाए और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जाए।





