जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की गोलीबारी से 6 नागरिकों की मौत, 20 से अधिक घायल – भारत ने दिया मुंहतोड़ जवाब

जम्मू-कश्मीर में मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात पाकिस्तान की सेना ने नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) पर भारी गोलीबारी की, जिसमें अब तक छह निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई है और बीस से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह हमला ऐसे वक्त पर हुआ जब भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) में नौ आतंकी ठिकानों पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत मिसाइल हमले किए थे। रक्षा सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने इस जवाबी कार्रवाई के रूप में सीमावर्ती इलाकों में अचानक और अंधाधुंध गोलाबारी शुरू कर दी।
इस गोलीबारी में सबसे अधिक असर पुंछ, राजौरी, उरी और तंगधार इलाकों में देखने को मिला। पुंछ जिले के मनकोट क्षेत्र में एक महिला की मौत उस समय हुई जब उसका घर मोर्टार शेल की चपेट में आ गया। उसकी 13 वर्षीय बेटी भी इस हमले में घायल हो गई है। पुंछ के विभिन्न सेक्टरों में कुल मिलाकर बारह नागरिक घायल हुए हैं जिनकी स्थिति अभी स्थिर बताई जा रही है। राजौरी जिले के ठंडीकस्सी इलाके में दो महिलाओं समेत चार लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा उरी सेक्टर के सलामाबाद, नौपोरा और कलगे इलाकों में की गई भारी गोलाबारी में तीन बच्चों सहित कम से कम दस नागरिक घायल हुए हैं। यहां कई घरों को गंभीर नुकसान पहुंचा है और दहशत का माहौल बना हुआ है। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि गोलीबारी इतनी जबरदस्त थी कि कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा। सलामाबाद में तालिब हुसैन और डॉ. बशीर अहमद के घर पूरी तरह जलकर खाक हो गए। करनाह सेक्टर में भी कई घर, दुकानें और वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं।
भारतीय सेना ने पाकिस्तान की इस नापाक हरकत का सधा हुआ और करारा जवाब दिया है। पुंछ के कृष्णा घाटी और शाहपुर सेक्टरों, राजौरी जिले के लाम, मंजाकोट और गंभीर ब्राह्मणा इलाकों के अलावा कुपवाड़ा और बारामूला के करनाह और उरी सेक्टरों में भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई की। सेना का कहना है कि संघर्षविराम उल्लंघन के इस प्रयास का जवाब उचित तरीके से दिया गया है और दोनों तरफ से रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जम्मू संभागीय प्रशासन ने पांच सीमावर्ती जिलों – जम्मू, सांबा, कठुआ, राजौरी और पुंछ – में सभी स्कूल, कॉलेज और शिक्षण संस्थानों को बुधवार को बंद रखने का आदेश जारी किया है। संभागीय आयुक्त रमेश कुमार ने बताया कि मौजूदा हालात को देखते हुए यह निर्णय एहतियातन लिया गया है ताकि बच्चों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
भारत ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि वह आतंकवाद और सीमापार उकसावे का जवाब संयम के साथ लेकिन पूरी सख्ती से देगा। सीमा पर तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं, लेकिन सुरक्षा बल स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं।





