17,000 करोड़ का खेल! अनिल अंबानी से ईडी की पूछताछ में उठे चौंकाने वाले सवाल

नई दिल्ली में मंगलवार को रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी से प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 17,000 करोड़ रुपये के बैंक लोन फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने उनसे कई अहम सवाल पूछे, जैसे — क्या लोन की रकम शेल कंपनियों में ट्रांसफर की गई? क्या इन फंड्स का इस्तेमाल राजनीतिक दलों तक पहुंचाने के लिए किया गया? क्या किसी सरकारी अधिकारी को रिश्वत दी गई?
रिपोर्ट के अनुसार, अनिल अंबानी से कैमरे के सामने पूछताछ की गई और इस दौरान उन्हें वकील रखने की इजाजत नहीं दी गई। मंगलवार सुबह अनिल अंबानी अपने घर से निकलकर ईडी हेडक्वार्टर पहुंचे। ईडी इस बात की जांच कर रहा है कि बीते दस सालों में उनकी कंपनियों ने जो बैंक लोन लिए, क्या उनका सही उपयोग हुआ या जानबूझकर रकम को दूसरी जगह डायवर्ट किया गया।
यह मामला रिलायंस ग्रुप की कई कंपनियों से जुड़ा है, जिनमें रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस कम्युनिकेशंस भी शामिल हैं। जांच का एक हिस्सा 2017 से 2019 के बीच यस बैंक द्वारा दिए गए करीब 3,000 करोड़ रुपये के लोन के कथित गलत इस्तेमाल से जुड़ा है। वहीं, रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़ा एक और बड़ा घोटाला 14,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का है। पिछले हफ्ते ईडी ने अनिल अंबानी की रिलायंस ग्रुप से जुड़ी कंपनियों के दिल्ली और मुंबई स्थित कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इन छापों में बड़ी संख्या में दस्तावेज, हार्ड ड्राइव्स और डिजिटल डेटा जब्त किया गया।
यह छापेमारी यस बैंक लोन घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा थी। अब ईडी और सीबीआई मिलकर इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि बैंक से मिले फंड्स को कहीं शेल कंपनियों के जरिए गलत तरीके से तो इस्तेमाल नहीं किया गया, इसकी भी जांच चल रही है। इसी के साथ सीबीआई ने भी अनिल अंबानी की अन्य कंपनियों के खिलाफ अलग से जांच शुरू कर दी है।
यह मामला देश के बड़े कॉरपोरेट घोटालों में से एक बनता जा रहा है, और आने वाले दिनों में इस पर और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।





