भारत

गुजरात में बिना वैध दस्तावेज रह रहीं 17 बांग्लादेशी महिलाएं हिरासत में, जांच शुरू

अहमदाबाद पुलिस ने गुरुवार को 17 बांग्लादेशी महिलाओं को हिरासत में लिया, जो बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रही थीं। इनमें एक 7 साल की बच्ची भी शामिल है। सभी को पूछताछ के लिए सरदारनगर स्थित जॉइंट इंटरोगेशन सेंटर (JIC) ले जाया गया, जहां कई एजेंसियां मिलकर उनसे पूछताछ कर रही हैं।

पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई सोला पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर के. एन. भुकन के नेतृत्व में की गई। गोटा और चांदलोदिया इलाके में चलाए गए कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान इन महिलाओं को पकड़ा गया। ये सभी महिलाएं पिछले 10 दिन से लेकर 4 साल के बीच अलग-अलग समय पर बांग्लादेश से गुजरात आई थीं और बिना दस्तावेज रह रही थीं।

हिरासत में ली गई महिलाओं की उम्र 21 से 49 साल के बीच है, जबकि एक बच्ची सिर्फ 7 साल की है। पुलिस ने बताया कि इनमें से कुछ महिलाएं अकेले भारत आई थीं, जबकि कुछ को उनके पतियों ने छोड़ दिया है या उनके परिवार के लोग अब भी बांग्लादेश में रहते हैं।

पुलिस ने जिन महिलाओं को पकड़ा है, उनमें जॉली बेगम, रेहाना बेगम, हलीमा बेगम, मोइना खातून, सती, सुमैया अख्तर, सोनाय बीबी, परवीन अख्तर, सुल्ताना, सुम अख्तर, आयशा खातून, संता खातून उर्फ मेघला, बिलकिश, सलमा खातून, ओजुफा और जीवन्नाहर जैसी महिलाएं शामिल हैं।

इसके अलावा, पुलिस ने कुछ मकान मालिकों के खिलाफ भी केस दर्ज किया है, जिन्होंने अपने किरायेदारों की जानकारी पुलिस को नहीं दी थी। यह अधिसूचना नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है।

फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या स्थानीय एजेंटों की मदद से इन महिलाओं को गुजरात में प्रवेश दिलाया गया था। शुरुआती जांच में पता चला है कि तस्करी का जाल बांग्लादेश से ही संचालित होता है।

पूछताछ पूरी होने के बाद, पुलिस और संबंधित एजेंसियां इन महिलाओं को वापस बांग्लादेश भेजने (डिपोर्ट करने) की प्रक्रिया शुरू करेंगी।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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