ताज़ा खबरेंभारत

15 अक्टूबर से खुलेंगे देश भर के तमाम सिनेमा हॉल व मल्टीप्लेक्स, ये रहेंगी SOP

कोरोना महामारी की वजह से सात महीने से बंद पड़े सिनेमाघर अब 15 अक्‍टूबर से लोगों कि चहक से गुलज़ार होंगे। इस बात की पुष्टि सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कर दी है। गौरतलब है कि 15 मार्च के बाद से सिनेमाघरों में दर्शकों का जाना कम हो गया था और 22 मार्च से लॉकडाउन के बाद से सिनेमाघर ठप पड़े थे । अब केंद्र सरकार ने 15 अक्‍टूबर से सिनेमाघरों, थिएटर्स, मल्‍टीप्‍लेक्‍स खोलने की अनुमति दे दी है। केंद्र सरकार ने बाकायदा गाइडलाइन इसके लिए जारी की है जिसका सख्ती से पालन करना आवश्‍यक होगा।

केवल 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुलेंगे सिनेमाघर।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि हर तरह के सिनेमाघरों में केवल 50 प्रतिशत ही दर्शकों को बैठने की अनुमति होगी। बता दे सिनेमाघर संचालक सिनेमाघरों को खोलने की मांग काफी समय से कर रहे थे। अब जब केंद्र सरकार ने हरी झंडी दे दी है तो सिनेमाघरों में सफाई और सैनिटाइजेशन का काम शुरू हो गया है। बुकिंग आधी और ऑनलाइन करने की तैयारी की जा रही है। सिनेमाघर मालिक कोविड-19 की सभी तरह की गाइडलाइन पालन करेंगे।

कोरोना के लिए जागृत करने वाली पिक्चर दिखाना है अनिवार्य।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक शो शुरू होने और इंटरवल के बाद कोविड के बारे में जागरूकता वाली एक मिनट लंबी फिल्म को दिखाना जरूरी होगा। इसके साथ ही सभी जगह टिकट की ऑनलाइन बुकिंग को बढ़ावा दिया जाएगा।

इन बातों का भी रखा होगा ध्यान।

बता दे पहली पंक्ति में एक सीट छोड़कर दर्शक बैठेंगे और उसके बाद वाली को खाली रखा जाएगा ताकि सोशल डिस्‍टेंसिग मेंटेन हो सके। अब जब सिनेमा घरों को खोलने कि इज़ाज़त दे दी गयी है तो फिल्म निर्माताओं ने भी अपनी फ‍िल्‍मों की रिलीज का शेड्यूल तय करना शुरू कर दिया है।

Click here for Latest News updates and viral videos on our AI-powered smart news

For viral videos and Latest trends subscribe to NewsMobile YouTube Channel and Follow us on Instagram

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button