
जम्मू-कश्मीर में शनिवार को बारिश के कारण दो अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई. रियासी जिले में एक परिवार के सात सदस्य भूस्खलन की चपेट में आ गए, जबकि रामबन में बादल फटने से चार लोगों की जान चली गई.
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हादसों पर दुख जताते हुए, प्रशासन को तुरंत राहत कार्य और मदद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उनके कार्यालय ने सोशल मीडिया के X हैंडल पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, “राजगढ़, रामबन में भूस्खलन से जानमाल के नुकसान पर मुख्यमंत्री ने गहरी संवेदना व्यक्त की है और प्रशासन को तुरंत सहायता देने के निर्देश दिए हैं.”
Chief Minister expressed deep sorrow over the tragic landslide in Reasi’s Bhadder village that claimed the lives of seven family members.
Taking note of the continuous heavy rains, he appealed to people to remain alert, avoid vulnerable areas, and strictly adhere to safety…— Office of Chief Minister, J&K (@CM_JnK) August 30, 2025
रियासी में भूस्खलन
महोर तहसील के बद्दर गांव में तड़के भूस्खलन हुआ, जिसमें मकान मालिक नज़ीर अहमद, उनकी पत्नी और पाँच बच्चों की मौत हो गई. अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है.
रामबन में बादल फटा
वही रामबन जिले में बादल फटने से चार लोगों की मौत हो गई और एक शख़्स लापता है. इस घटना में कई घर क्षतिग्रस्त हो गए. प्रशासन ने लापता व्यक्ति की तलाश शुरू कर दी है और प्रभावित परिवारों की मदद के लिए राहत-बचाव अभियान भी शुरू कर दिया है. बता दें कि लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए रामबन, जम्मू, पुंछ, किश्तवाड़ और उधमपुर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. जम्मू संभाग के सभी स्कूल 30 अगस्त तक बंद रखने का आदेश दिया गया है. अधिकारियों ने कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए ऑनलाइन क्लास पर विचार करने की बात कही है.
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद
भूस्खलन से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) भी बंद कर दिया गया है. अधिकारियों ने कहा कि सड़क बहाली का काम जारी है और शाम तक या रविवार सुबह तक मार्ग खोला जा सकता है. पिछले एक हफ्ते में जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से कम से कम 36 लोगों की मौत हो चुकी है. कई जिलों में ढांचे और सड़कों को नुकसान पहुंचा है.
वैष्णो देवी यात्रा भी रुकी
बारिश और भूस्खलन के कारण वैष्णो देवी यात्रा शनिवार को पाँचवें दिन भी स्थगित रही. देशभर से आए सैकड़ों श्रद्धालु कटरा में रुके हुए हैं और यात्रा दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि वे मां वैष्णो देवी के दर्शन कर सकें.





