ताज़ा खबरेंभारतराजनीती

सवालों से घिरे सिद्धू, भाजपा ने कहा बिना मंत्रिपद संभाले ही ले रहे हैं तनख्वाह

कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के लिए मुसीबतें ख़त्म होने का नाम नहीं ले रही है. भाजपा ने सिद्धू के विभाग बदले जाने के एक महीने बाद भी कार्यभार न संभालने पर सवाल खड़े किये हैं.

भाजपा ने आरोप लगाया है कि सिद्धू ने एक महीने से भी ज़्यादा से अपना सरकारी पद नहीं संभाला है लेकिन फिर भी वे सरकारी भत्ता और तनख्वाह ले रहे हैं.

दरअसल उनके खिलाफ बीजेपी नेता तरूण चुघ ने राज्यपाल को चिट्ठी लिखकर शिकायक की है उन्होंने मंत्री पद की शपथ तो ले ली है लेकिन उन्होंने अभी तक कार्यभार नहीं संभाला है फिर भी वह मंत्री के रूप में मिलने वाली सैलरी और भत्ता ले रहे हैं.

चिट्ठी में लिखा गया है कि सिद्धू और सीएम के बीच विवाद ने संवैधानिक संकट पैदा कर दिया है. सिद्धू द्वारा कार्यभार नहीं संभालने से राज्‍य की जनता को बड़ी दिक्‍कत का सामना करना पड़ रहा है.

तरुण चुग ने आगे कहा कि उन्होंने राज्यपाल से अपील की है कि अगर पंजाब के हित में कोई फैसला करें, अगर मंत्री काम नहीं करना चाहते हैं तो कोई और उनकी जगह पर विभाग देखे. इसके साथ ही अगर वह बिना काम के सैलरी उठा रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

ALSO READ: सोनिया गांधी की अगुवाई में हुई कांग्रेस संसदीय दल की बैठक; पार्टी अध्यक्ष, कर्नाटक…

चुघ ने पत्र में लिखा है कि यह संभवत: पहला मौका है जब कोई मंत्री साफ तौर पर मुख्‍यमंत्री के आदेश को मानने से इन्‍कार कर रहा है। अपना विभाग बदले जाने के बाद से सिद्धू अज्ञातवास में हैं. सिद्धू बिना कार्य किए सरकारी सुविधाओं का गलत ढंग से इस्‍तेमाल कर रहे हैं.

दूसरी ओर, कांग्रेस की ओर से सिद्धू को मनाने की कोशिशें जारी है. राज्‍य के कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने सिद्धू से अपना नया विभाग संभालने की अपील की है.

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

One Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button