यूपी: सीएम योगी और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या के बीच खींचतान की खबरों को मिल रही हवा, केशव प्रसाद ने फिर से दिया बड़ा बयान

यूपी: सीएम योगी और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या के बीच खींचतान जारी! केशव प्रसाद ने फिर से दिया बड़ा बयान
उत्तर प्रदेश की भाजपा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या के बीच खींचतान की खबरों में कमी हुई ही थी कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या के एक बयान ने इन अटकलों को फिर से हवा दे दी है। दरअसल, बीते दिन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक हुई। इस दौरान डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने कुछ ऐसा बयान दे दिया कि उत्तर प्रदेश के भाजपा खेमे में एक बार फिर सीएम योगी व डिप्टी सीएम केशव के बीच तनातनी की खबरों की चर्चा शुरू हो गयी है।
केशव प्रसाद मौर्या ने फिर से दिया बड़ा बयान
बीते दिन केशव प्रसाद मौर्या ने भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक कहा कि सरकार के बल पर चुनाव नहीं जीता जाता, पार्टी ही लड़ती है और पार्टी ही जीतती है। उन्होंने कहा कि चुनाव सदैव पार्टी लड़ती है और पार्टी ही जीतती है, उन्होंने कहा कि 2014 और 2017 में यूपी में सरकार नहीं थी, मगर भाजपा प्रचंड बहुमत से जीती। इस बार सरकार थी तो थोड़ा ज्यादा आत्मविश्वास में आ गए। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि समाज और सरकार एक दूसरे के पूरक हैं। सरकार और संगठन दोनों मिलकर ही सरकार चलाते हैं। इसके साथ ही डिप्टी सीएम मौर्य ने कहा कि बीजेपी सरकार के तमाम मुख्यमंत्रियों को नहीं पता था कि वे सीएम बनेंगे।
नहीं किया सीएम योगी के आने का इंतजार
इसके साथ ही ओबीसी मोर्चा की बैठक में केशव प्रसाद समय से पहले पहुंच गए। जल्दी आने का कारण उन्होंने विधानसभा की कार्यवाही जल्दी खत्म होना बताया। लेकिन सीएम योगी के आने का इंतजार उन्होंने नहीं किया और अपने बातें रखने के बाद योगी के आने से पहले से चले गए।
दिल्ली में हुई थी सीएम, डिप्टी सीएम की बैठक
पिछले दिनों ही सीएम योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत बीजेपी के बड़े नेताओं ने दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की है। ऐसे में माना जा रहा था कि पार्टी के अंदर चल रही उठापटक कुछ कम होगी। हालांकि, केशव प्रसाद मौर्य ने एक बार फिर सीएम योगी पर निशाना साधकर हवा दे दी है।
केशव प्रसाद मौर्या के ट्वीट से भी लगाए जा रहे हैं कयास
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को पुलिस महानिदेशक सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक बैठक की अध्यक्षता की और उन्हें राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का निर्देश दिया। इतना ही नहीं इस बैठक की तस्वीर के साथ प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर लिखा- ‘मैंने विधान परिषद में मानसून सत्र के दौरान कानून व्यवस्था के संबंध में उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक श्री प्रशांत कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की और पुलिस स्टेशनों पर जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने, बढ़ते भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए। साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं पर व्यापक रूप से अंकुश लगाने के प्रयास कर रहे हैं’ .केशव प्रसाद मौर्य के इस ट्वीट के साथ ही यूपी के राजनीतिक गलियारों और मीडिया के लोगों के बीच एक बार फिर योगी बनाम केशव के द्वंद्व की गंध आने लगी
“संगठन सरकार से बड़ा है”- बीजेपी कार्यसिमिति की बैठक में केशव प्रसाद मौर्या
दरअसल लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद से बीजेपी में अंदरूनी कलह की खबरें सामने आने लगी थी। गौरतलब है कि इस बार बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में यूपी में 80 की 80 सीट जीतने का दावा किया था, लेकिन मात्र 33 सीटें ही उसके पाले में आई है। 37 सीटों के साथ सपा ने बीजेपी को दूसरे नंबर पर ढकेल दिया। हार का ठीकरा फोड़ने को लेकर यूपी बीजेपी में अंदरूनी कलह शुरू हो गई है। हाल ही में लखनऊ में सम्पन्न हुई बीजेपी कार्यसिमिति की बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि संगठन सरकार से बड़ा है। इसके बाद से पार्टी में खींचतान बढ़ती जा रही है।
भाजपा के दोनों नेताओं के बीच चल रही है इस खींचतान में आइये जानते हैं दोनों नेताओं का कैसा रहा अब तक का राजनीतिक करियर-
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ-
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता योगी आदित्यनाथ वर्तमान में उत्तर प्रदेश के 22वें मुख्यमंत्री हैं। वे पहली बार 1998 में गोरखपुर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए लोकसभा में पहुंचे और तब से पांच बार फिर से चुने गए हैं। योगी आदित्यनाथ 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के एक छोटे कस्बे पंचूर में जन्मे थे। उन्होंने मार्च 2017 में मुख्यमंत्री का पद संभाला।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने से पहले, योगी आदित्यनाथ 1998 से 2017 तक लगातार पांच बार गोरखपुर से सांसद (सांसद) रहे।अपने राजनीतिक जीवन के अलावा, वह गोरखपुर में स्थित एक हिंदू मंदिर गोरखनाथ मठ में मुख्य पुजारी का पद भी संभालते हैं। योगी आदित्यनाथ अपनी युवावस्था से ही भाजपा से जुड़े रहे हैं और उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) में एक छात्र नेता के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी। वे 1991 में भाजपा में शामिल हुए और 1998 में पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए। उत्तर प्रदेश में हिंदुत्व के फायर ब्रांड नेता के तौर पर अपनी पहचान बना चुके योगी आदित्यनाथ को साल 2017 में भाजपा की प्रचंड बहुमत के बाद उत्तर प्रदेश के सीएम के रूप में नियुक्त किया गया था। इसके बाद पार्टी ने साल 2022 में भी सीएम योगी के चेहरे पर ही चुनाव लड़ा था।
केशव प्रसाद मौर्या-
केशव प्रसाद मौर्या वीएचपी के पूर्व प्रमुख अशोक सिंघल के करीबी माने जाते थे क्योंकि उनके ही कहने पर केशव ने राजनीति में अपने कदम रखा था। दिवंगत अशोक सिंघल के ही कहने पर केशव प्रसाद मौर्या सक्रिय राजनीति में आये थे, उन्हीं के कहने पर 2004 में उन्हें इलाहाबाद पश्चिम से चुनाव लड़वाया गया। यहां से दो बार चुनाव लड़ने के बाद भी वह नहीं जीत सके। साल 2012 में सिराथू से चुनाव जीतकर वह विधानसभा पहुंचे। केशव प्रसाद मौर्य पूरी तरीके सक्रिय राजनीति में कूद गए। इसके बाद
अगर देखा जाए तो किसी ने अगर केशव प्रसाद मौर्या को बनाया है तो सबसे पहला नाम का आएगा।, उनको जानने वालों का यहां तक कहना है कि उनकी काबिलियत को परखने के बाद ही कई आंदोलनों का नेतृत्व केशव प्रसाद मौर्य को सौंप दिया गया और पूर्वांचल का ऑक्सफोर्ड कहे जाने वाले इलाहाबाद (आज का प्रयाग राज) में अशोक सिंघल के कहने के बाद में वह सक्रिय राजनीति में आ गए। फिर आया वो दौर जिसमें केशव प्रसाद मौर्य पूरी तरीके सक्रिय राजनीति में कूद गए।
इसके बाद साल 2016 में अमित शाह के कहने के बाद केशव प्रसाद मौर्य को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी दी गई और पिछड़ों के चेहरे के रूप में उभरते मौर्य को यूपी बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। साल 2017 के चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत हुई और पार्टी सरकार बनाने में सफल हुई। इसके बाद उन्हें सरकार में डिप्टी सीएम के रूप में नियुक्त किया गया।






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References:
https://mlx.su/paste/view/fe303fa6