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मणिपुर हिंसा मामले में अब सुप्रीम कोर्ट जांच की निगरानी करने को तैयार

नई दिल्ली: मणिपुर हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दखल दे दी है. मणिपुर हिंसा मामले में अब सुप्रीम कोर्ट जांच की निगरानी करने को तैयार हो गया है. कोर्ट ने हिंसा मामलों की जांच की निगरानी महाराष्ट्र के पूर्व IPS अफसर दत्तात्रेय पद्सालजिलकर को सौंपी है.

 

CJI डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि हम हाईकोर्ट के जजों की कमेटी और IPS अफसर दत्तात्रेय पद्सालजिलकर को समय-समय पर रिपोर्ट दाखिल करने को कहेंगे. हमारा प्रयास कानून व्यवस्था और भरोसे को बहाल करने का होगा.

 

बता दें कि मणिपुर हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि जांच के मामले को सीबीआई को स्थानांतरित कर दिया गया है, लेकिन कानून के शासन में विश्वास सुनिश्चित करने के लिए यह निर्देश देने का प्रस्ताव है कि कम से कम डिप्टी एसपी रैंक के पांच अधिकारी होंगे जिन्हें विभिन्न राज्यों से सीबीआई में लाया जाएगा. ये अधिकारी सीबीआई के बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक ढांचे के चारों कोनों में भी काम करेंगे. 42 एसआईटी ऐसे मामलों को देखेंगी जो सीबीआई को हस्तांतरित नहीं किए गए हैं.

 

वहीं सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि आईपीएस अधिकारी सीबीआई जांच की निगरानी करें. तीन पूर्व न्यायाधीशों की समिति की अध्यक्षता न्यायमूर्ति गीता मित्तल करेंगी और इसमें न्यायमूर्ति शालिनी जोशी, न्यायमूर्ति आशा मेनन भी शामिल होंगी.

 

सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर में जांच की निगरानी करने और सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट करने के लिए मुंबई के पूर्व कमिश्नर और महाराष्ट्र के डीजीपी दत्तात्रय पडसलगीकर को नियुक्त किया है. सीजेआई का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट यह सुनिश्चित करना चाहता है कि संतुलन बना रहे और जांच ठीक से हो.

 

मणिपुर हिंसा के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई की. केंद्र की ओर से AG आर वेंकेटरमनी ने कोर्ट में अपनी दलील रखी. वहीं मणिपुर DGP राजीव सिंह भी अदालत में पेश हुए. केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की है.

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