खेलताज़ा खबरें

भारत से मिली करारी हार के बाद बांग्लादेश ने विराट कोहली पर लगाया ‘फेक फील्डिंग’ का आरोप, जाने क्या होती है फेक फील्डिंग

भारत से मिली करारी हार के बाद बांग्लादेश ने विराट कोहली पर लगाया ‘फेक फील्डिंग’ का आरोप, जाने क्या होती है फेक फील्डिंग

 

टी 20 वर्ड कप में बांग्लादेश को भारत से करारी हार मिली है। इस मैच में मिली करारी शिकस्त के बाद बांग्लादेश ने भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली पर बड़ा और गंभीर आरोप लगाया है। बांग्लादेशी विकेटकीपर बल्लेबाज नुरुल हसन ने मैच के बाद विराट कोहली पर ‘फेक फील्डिंग’ का आरोप लगया था। उनका कहना था कि मैच में कोहली ने फेक फील्डिंग की थी, जो अंपायर्स द्वारा गौर नहीं की गयी। यदि वह देख लेते तो पेनल्टी के तौर पर बांग्लादेश टीम को 5 रन दिए जा सकते थे।

क्या होती है फेक फील्डिंग?

फेक फील्डिंग नियम आईसीसी के अनुचित खेल से संबंधित कानून 41.5 में आता है। इसके तहत कोई भी फील्डर जानबूझकर, शब्द या क्रिया से किसी भी बल्लेबाज का ध्यान भटकाने, धोखा देने या बाधित करने का प्रयास करता है तो यह अनुचित है। इस 41.5.2 कानून के अनुसार, ‘यह किसी एक अंपायर को तय करना होता है कि कोई फील्डर ने यह जानबूझकर किया है या नहीं।’ यदि फील्डर दोषी पाया गया तो उस गेंद को डेड बॉल करार दिया जा सकता है। साथ ही बल्लेबाजी टीम को पांच रन पेनल्टी के तौर पर दिए जाते हैं। बता दें कि साल 2017 में आईसीसी द्वारा इस ‘फेक फील्डिंग’ के नियम को लाया गया था।

बता दें बुधवार को ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड में यह मैच खेला गया था। जिसमें भारत ने बांग्लादेश को पांच रन से हराया था। आखिरी ओवर तक चले यह मुकाबला काफी रोमांचक रहा था। बांग्लादेश ने टॉस जीत कर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया था। इस दौरान भारत ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 184 रन का टारगेट दिया था।  बांग्लादेश को मैच जीतने के लिए 185 रन बनाने थे, लेकिन बारिश के कारण उसे 16 ओवर में 151 रन का लक्ष्य मिला। वह 16 ओवर में छह विकेट पर 145 रन ही बना सकी।

 

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button