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भारत, चीन और रूस समेत कई बड़े देशों ने साउथ अफ्रीका के BRICS सम्मेलन में लिया हिस्सा, जानिए किसने क्या कहा

भारत, चीन और रूस समेत कई बड़े देशों ने साउथ अफ्रीका के BRICS सम्मेलन में लिया हिस्सा, जानिए किसने क्या कहा

साउथ अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में ब्रिक्स के 15वें शिखर सम्मेलन का आज दूसरा दिन है। इस दौरान भारत समेत कई देशों ने सम्मलेन में हिस्सा लिया है। पीएम मोदी भी जोहान्सबर्ग में खुले और बंद पूर्ण सत्र में भाग लेने लिए कन्वेंशन सेंटर पहुंच गए हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत ब्रिक्स के विस्तार का पूरा समर्थन करता है, हम इस पर आम सहमति के साथ आगे बढ़ने का स्वागत करते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि जोहांसबर्ग जैसे खूबसूरत शहर में एक बार फिर आना मेरे और मेरे प्रतिनिधिमंडल के लिए खुशी की बात है। इस शहर का भारतीयों और भारतीय इतिहास से गहरा और पुराना रिश्ता है। यहां से कुछ दूरी पर टॉल्स्टॉय फार्म स्थित है जिसका महात्मा गांधी ने 110 वर्ष पूर्व निर्माण करवाया था। महात्मा गांधी ने भारत, यूरेशिया और अफ्रीका के महान विचारों को जोड़कर हमारी एकता और सद्भाव की मजबूत नींव रखी।

इस दौरान मोदी ने कहा कि ब्रिक्स को भविष्य के लिए तैयार संगठन बनाने के लिए हमें अपने संबंधित समाजों को भी भविष्य के लिए तैयार करना होगा और प्रौद्योगिकी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि लगभग दो दशकों में ब्रिक्स ने एक लंबी और शानदार यात्रा तय की है। इस यात्रा में हमने अनेक उपलब्धियाँ हासिल की हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि हम दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता में वैश्विक दक्षिण के देशों ब्रिक्स में विशेष महत्व दिया गया है हम इसका स्वागत करते हैं। भारत ने भी G20 की अध्यक्षता में इस विषय को महत्व दिया है।

इस दौरान दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा मैं भारत को बधाई देना चाहता हूं, खासकर जब आप अंतरिक्ष में सहयोग की आवश्यकता के बारे में बोलते हैं, तो कुछ ही घंटों में भारत का अंतरिक्ष यान चंद्रयान-3 चंद्रमा पर उतरेगा। हम आपको बधाई देते हैं। ब्रिक्स परिवार के रूप में यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है और हम आपके साथ खुश हैं। हम इस महान उपलब्धि की खुशी में आपके साथ हैं।

कार्यक्रम में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने संबोधन में कहा कि चीन सतत विकास के लिए औद्योगिक सहयोग पर ब्रिक्स ढांचे को संयुक्त रूप से स्थापित करने के लिए सभी पक्षों के साथ काम करेगा।

इस दौरान उन्होंने कहा कि अंतरष्ट्रीय नियमों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों के आधार पर सभी देशों द्वारा संयुक्त रूप से लिखा और बरकरार रखा जाना चाहिए, न कि सबसे मजबूत मांसपेशियों या सबसे ऊंची आवाज वाले लोगों द्वारा निर्देशित किया जाना चाहिए…ब्रिक्स देशों को सच्ची बहुपक्षवाद का अभ्यास करना चाहिए, एकजुटता पर कायम रहना चाहिए और विभाजन का विरोध करना चाहिए।

इसके अतरिक्त रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए सम्मलेन में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगले साल रूस ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालेगा। हमारी अध्यक्षता में हमारे निम्नलिखित आदर्श वाक्य होंगे- वैश्विक विकास और सुरक्षा के लिए बहुपक्षवाद को मजबूत करना; हमारी योजना लगभग 200 राजनीतिक, आर्थिक और सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने की है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन अक्टूबर 2024 में कज़ान शहर में होने वाला है।

 

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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