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फैक्ट चेक: सोशल मीडिया पर लखनऊ-कानपूर हाइवे के की नहीं है यह तस्वीर, सच जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख

फैक्ट चेक: सोशल मीडिया पर लखनऊ-कानपूर हाइवे के की नहीं है यह तस्वीर, सच जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है इस पोस्ट में तस्वीर को शेयर किया गया है, जहाँ एक चलती सड़क में एक बड़ा गड्ढा देखा जा सकता है। इसी तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह सड़क लखनऊ-कानपूर हाइवे की है।

फेसबुक पर वायरल तस्वीर को शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि “लखनऊ कानपुर में हुए गड्ढे में कार गिर गई, कार चालक बच गया।”

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

फैक्ट चेक:

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना की वायरल तस्वीर लखनऊ-कानपूर हाइवे की नहीं है।

सोशल मीडिया पर शेयर हो रही तस्वीर के साथ किये जा रहे दावे की पड़ताल के लिए हमने गूगल पर बारीकी से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमने गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च टूल के माध्यम से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल तस्वीर Indian Express की वेबसाइट पर अक्टूबर 07, 2022 को छपे लेख में मिली।

लेख के मुताबिक वायरल तस्वीर लखनऊ-कानपूर हाइवे का नहीं बल्कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का है। लेख में बताया गया है कि वायरल तस्वीर हालिया दिनों की नहीं है। यहाँ जानकारी दी गयी है कि “हलियापुर पुलिस स्टेशन की सीमा में एक्सप्रेस वे का एक हिस्सा भारी बारिश के कारण धंस गया। इस दुर्घटना में कार में सवार चार लोग घायल हो गए थे।”

 

उपरोक्त मिली जानकारी की पुष्टि के लिए हमने गूगल पर बारीकी से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल तस्वीर NHAI के आधिकारिक ट्विटर पोस्ट में भी मिली। यहाँ भी बताया गया है कि यह तस्वीर लखनऊ-कानपूर हाइवे की नहीं बल्कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे की है। एनएचएआई ने कहा, “लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर ऐसी कोई घटना नहीं हुई है और इसकी गुणवत्ता की निगरानी की जा रही है।”

एनएचएआई ने @INCKerala द्वारा अक्टूबर 2022 में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुई एक घटना की पुरानी तस्वीर का उपयोग करते हुए किए गए भ्रामक पोस्ट की कड़ी निंदा की है, जिसमें दावा किया गया है कि यह निर्माणाधीन लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की घटना है।

पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल तस्वीर हालिया दिनों की नहीं इसके साथ ही यह वायरल तस्वीर लखनऊ-कानपूर हाइवे की नहीं बल्कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का है।

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking
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