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फैक्ट चेक: साल 2018 में राहुल गांधी के भाषण का एडिटेड वीडियो हालिया दिनों में हुआ वायरल, जानें पूरा सच 

फैक्ट चेक: साल 2018 में राहुल गांधी के भाषण का एडिटेड वीडियो हालिया दिनों में हुआ वायरल, जानें पूरा सच 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो से वायरल हो रहा है। वीडियो कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के भाषण का है। पचपन सेकंड के इस वीडियो में राहुल गांधी को कहते है कि “मैं एक फैशन डिज़ाइनर नहीं बल्कि एक दर्जी हूँ”

फेसबुक पर वायरल वीडियो शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि “ नया विडीयो लोंच हुआ है, दुनिया मुझे फैशन डिजाइनर कहती है,लेकिन मैं फैशन डिजाइनर नहीं हूं. क्योंकि

 

 

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

फैक्ट चेक: 

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया का नहीं बल्कि साल 2018 का है। साथ ही यह वायरल वीडियो एडिटेड है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को देखने पर हमें इसके पुराने होने की आशंका हुई। जिसके बाद हमने अपनी पड़ताल शुरू की।  पड़तला के दौरान हमने सबसे पहले वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तब्दील किया और फिर गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च टूल के माध्यम से खोजना शुरू किया।

खोज के दौरान हमें गूगल पर The Tribune नामक चैनल पर वायरल वीडियो से हूबहू मेल खाता एक वीडियो मिला। जिसे यूट्यूब पर जून 11, 2018 को अपलोड किया गया था। हालांकि इस वीडियो से हमें ज्यादा जानकारी प्राप्त नहीं हुई राहुल गांधी का वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि साल 2018 के दौरान का है, साथ ही कैप्शन में यह जानकारी दी गयी है कि राहुल गांधी ने अपने इस भाषण के दौरान Coca-Cola & McDonald’s कंपनी के उत्पत्ति का जिक्र किया था।

 

सटीक जानकारी के लिए हमने गूगल पर कुछ संबंधित कीवर्ड्स के माध्यम से बारीकी खोजना शुरू किया। खोज के दौरान यूट्यूब पर राहुल गांधी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो वीडियो क्लिप का पूरा वीडियो मिला। वीडियो में दिए गए कैप्शन के मुताबिक वायरल वीडियो वाला राहुल गांधी के भाषण का यह वीडियो तालकटोरा स्टेडियम का है, जहां साल 2018 के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने OBC सम्मलेन किया था।

प्राप्त यूट्यूब वीडियो से जानकारी मिली कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपने भाषण में एक फैशन डिज़ाइनर की कहानी सुनाते हुए सामने बैठी जनता को यह बता रहे थे कि उस फैशन डिज़ाइनर ने उससे कहा था कि वह एक डिज़ाइनर नहीं बल्कि एक दर्जी है।

पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि साल 2018 के दौरान का है। जिसे एडिट कर शेयर किया जा रहा है।

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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