फैक्ट चेक: सरदार पटेल की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करते हुए लोगों का पुराना वीडियो हालिया दिनों में भ्रामक दावे के साथ हुई वायरल, जानें पूरा सच

फैक्ट चेक: सरदार पटेल की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करते हुए लोगों का पुराना वीडियो हालिया दिनों में भ्रामक दावे के साथ हुई वायरल, जानें पूरा सच
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, वीडियो में कुछ लोगों को ट्रेक्टर से जबरन एक व्यक्ति की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करते हुए देखा दिखाई दे रहे हैं। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि हाल ही में कुछ लोगों ने बी.आर आंबेडकर की प्रतिमा को जानबूझकर क्षतिग्रस्त किया जा रहा है।
फेसबुक के वायरल पोस्ट को शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि “तुम बाबा साहेब की प्रतिमाओं को तोड़कर कौनसा राम राज स्थापित करना चाहते हो?? उनके विचार और सोच आज अंतराष्ट्रीय स्तर पर फैली हुई है, वो तुम्हारे रामराज से कहीं ऊंचे हो चुके हैं!”

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।
फैक्ट चेक:
न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं साथ ही यह प्रतिमा बी आर आंबेडकर की नहीं है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की सत्यता जानने के लिए हमने गूगल पर बारीकी से खोजना शुरू किया। सबसे पहले हमने वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल लेंस के माध्यम से खोजा। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो News24 के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिला। जिसे जनवरी 27, 2024 को अपलोड किया गया था।
उपरोक्त प्राप्त वीडियो में जानकारी देते हुए बताया गया है कि वायरल वीडियो हालिया दिनों की घटना नहीं बल्कि साल 2024 के दौरान की है, जो उज्जैन जिले के माकड़ोन क्षेत्र में हुई थी। प्राप्त वीडियो में बताया गया है कि उज्जैन में दो महापुरुषों की मूर्ति को लगाने के लिए दो पक्षों में विवाद हुआ था, जिसके बाद एक दूसरे पक्ष ने सरदार पटेल की मूर्ती तोड़ दी।
उपरोक्त प्राप्त जानकारी की पुष्टि के लिए हमने गूगल पर बारीकी से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें उक्त मामले से जुड़ी एक रिपोर्ट आज तक की वेबसाइट पर मिली, जिसे जनवरी 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक उज्जैन जिले के माकड़ोन क्षेत्र में सरदार पटेल की प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने पर विवाद हो गया था। दो पक्षों में जमकर विवाद के बाद पथराव हुआ। इस दौरान कुछ वाहन भी जला दिए गए। एक पक्ष संविधान निर्माता डॉ भीमराव आंबेडकर की मूर्ति लगाना चाहता था, लेकिन दूसरे पक्ष ने सरदार वल्लभभाई पटेल की मूर्ति लगा दी। इसके बाद विवाद हो गया।
उपरोक्त प्राप्त तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं साथ ही वीडियो में लोग बी. आर आंबेडकर की मूर्ती को नहीं बल्कि भारत के लोह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ती को क्षतिग्रस्त कर रहे थे।





