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फैक्ट चेक: पाकिस्तान के पुराने वीडियो को सोशल मीडिया पर हालिया दिनों में भ्रामक दावे के साथ किया गया वायरल

फैक्ट चेक: पाकिस्तान के पुराने वीडियो को सोशल मीडिया पर हालिया दिनों में भ्रामक दावे के साथ किया गया वायरल

 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोगों की भीड़ का है। जहां भीड़ को एक दावत की जगह पर रखे हुए खाने पर टूटते हुए देखा जा सकता है। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर हालिया दिनों में शेयर किया जा रहा है, साथ ही दावा किया जा रहा है कि समुदाय विशेष के लोगों किसी भी शादी में ऐसे ही खाना खाते हैं।

फेसबुक पर वायरल वीडियो को शेयर का हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि “शादी में खाने का सही तरीका मुसलमानो से सीखना चाहिए।”

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं साथ ही यह वीडियो पाकिस्तान का है जो इस वक्त आर्थिक तंगी से गुज़र रहा है।

सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो की सत्यता जानने के लिए हमने पड़ताल की। इस दौरान हमने वायरल वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च टूल के माध्यम से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो सबसे पहले Dailymotion नामक वेबसाइट पर मिला। जिसे जनवरी 03, 2019 को प्रकाशित किया गया था।

उपरोक्त वेबसाइट पर मिले वीडियो से हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि साल 2019 के दौरान से ही इंटरनेट पर मौजूद है साथ ही डिस्क्रिप्शन में बताया गया है कि वायरल वीडियो भारत का नहीं बल्कि पाकिस्तान का है।

इसके बाद पुष्टि के लिए हमने गूगल पर कुछ अन्य कीवर्ड्स तथा कुछ अन्य कीफ्रेम्स के हवाले से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो Amazing Video नामक यूट्यूब चैनल पर मिला। जिसे दिसंबर 10, 2016 को अपलोड किया गया था। यहाँ भी वायरल वीडियो को पाक्सितान का बताया गया है।

वीडियो को बारीकी से परखने के बाद हम इस नतीजे पर पहुंचें हैं कि वायरल वीडियो पकिस्तान का ही है। जैसे वायरल वीडियो में हमें एक पोस्टर दिखाई दिया जहां पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ की तस्वीर के साथ उनके कई साथी नेताओं की तस्वीर छपी है।

साथ ही हमने गौर किया कि वीडियो जिस स्थान का हैं, वहां कई पोस्टर और झंडे भी लगे हुए हैं। इससे यह प्रतीत होता है कि वायरल वीडियो किसी रैली का है।

पड़ताल के दौरान हमें मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि कई साल पुराना है, साथ ही यह वीडियो पाकिस्तान का है। हालांकि हम स्वतंत्र रूप से वीडियो के सटीक स्थान और समय का पता नहीं लगा पाए, लेकिन यह वीडियो पाकिस्तान से है वहीं सालों पुराना भी है।

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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