ताज़ा खबरेंभारतमनोरंजनवायरल

पूनम पांडेय और उनके पति को ‘अश्लील वीडियो’ मामले में मिली जमानत

एक्ट्रेस पूनम पांडे और उनके पति सैम बॉम्बे को ‘अश्लील वीडियो’ मामले में अब जमानत मिल गई हैं। दरअसल, पूनम पांडे और उनके पति के खिलाफ कथित तौर पर ‘अश्लील वीडियो’ शूट करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद दोनों को हिरासत में ले लिया गया था और उसके बाद उन्हें कस्टडी में भेज दिया गया। हालांकि, बीती रात पूनम और उनके पति को जमानत मिल गई है।

जमानत का मुचलका भरने के बाद ही छोड़ा जायेगा दोनों को।

गोवा में अश्लील वीडियो बनाने के मामले में पूनम पांडे को जमानत तो मिल गई है, लेकिन उन्हें जमानत का मुचलका भरने के बाद ही छोड़ा जाएगा। पूनम पांडे और उनके पति को हर व्यक्ति के हिसाब से 20-20 हजार रुपये बेल बॉन्ड के रुप में देने हैं। इसके अलावा जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ने एक मीडिया इंटरव्यू में बताया कि कपल को कोर्ट की अनुमति के बिना गोवा से बाहर जाने की अनुमति भी नहीं है। गोवा से बहार जाने से पहले पूनम और सैम को पहले पुलिस को इस बारें में बताना होगा।

ये भी पढ़े : अब कर्नाटक में भी नहीं सुनाई देगी पटाखों की गूँज, पटाखों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने वाला बना छठा राज्य

शादी के 13 दिन बाद ही पति के खिलाफ शिकायत दर्ज करा चुकी है पूनम पांडेय।

हमेशा सुर्खियों में रहने वाली पूनम पांडेय ने इससे पहले सितंबर में अपने पति के खिलाफ मॉलेस्टेशन और उन्हें परेशान करने के आरोप में केस दर्ज कराई थी। ख़ास बात ये है कि ये शिकायत उनके तरफ से उन्ही कि शादी के मात्र 13 दिन बाद कराइ थी थी। हालाकिं तब पुलिस ने इस मामले में उनके पति को बुलाकर उनसे पूछताछ तो की थी लेकिन बाद में कपल ने यह मामला आपस में निपटा लिया था। बता दे उस समय भी दोनों गोवा हनीमून मनाने गए थे।

Click here for Latest News updates and viral videos on our AI-powered smart news

For viral videos and Latest trends subscribe to NewsMobile YouTube Channel and Follow us on Instagram

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button