भारतराजनीति

चुनाव आयोग ने मायावती, आदित्यनाथ को आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के लिए जारी किया नोटिस

चुनाव आयोग ने गुरुवार को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को 7 और 9 अप्रैल को सहारनपुर और मेरठ के देवबंद में दिए गए उनके भाषणों पर नोटिस भेजा है. चुनाव आयोग ने इसे कथित रूप से आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताया है.

दोनों नेताओं को 24 घंटे के भीतर अपनी प्रतिक्रिया देने को कहा गया है.

दोनों नेताओं को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 की उप-धारा (3) के तहत नोटिस जारी किया गया है. नोटिस में यह भी लिखा है कि 2017 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले में यह बताया गया था कि धर्म या जाति का इस्तेमाल किसी के द्वारा भी चुनाव प्रचार के दौरान नहीं किया जा सकता.

नोटिस के मुताबिक दोनों ही नेताओं ने अचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन किया है और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की भी अवहेलना की है.

ALSO READ: सोनिया गांधी ने रायबरेली से किया नामांकन दाखिल

मायावती ने 7 अप्रैल को देवबंद में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था, “मैं मुस्लिम समुदाय के लोगों से कहना चाहती हूं कि आप अपने वोटों को संबंधों और दोस्ती के नाम पर न बांटे. यदि आप यूपी में भाजपा को हराना चाहते हैं, तो आपको अपने वोटों को विभाजित नहीं होने देना चाहिए. मेरा अनुरोध है कि इसके बजाय, महागठबंधन के उम्मीदवारों को वोट देना चाहिए, विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय को.”

मायावती को जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि मायावती यह कहना छति थी अगर उन्हें मुस्लिम समुदाय का वोट मिलता है तो उन्हें किसी और के वोट की कोई आवश्यकता नहीं है. उन्होंने कहा, “मैं आपको यह भी बताना चाहता हूं कि अगर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बसपा को अली पर भरोसा है, तो हमें बजरंगबली पर भरोसा है.”

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button