‘गुप्त जेल’ में कुलभूषण जाधव से हुई भारतीय राजनयिकों की मुलाका, ये थी शर्तें

पाकिस्तान की जेल में जासूसी के आरोप में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव से मिलने भारतीय उच्चायोग के अधिकारी पहुंचे। इस मुलाकात के दौरान जाधव को सुनाई गई मौत की सजा के खिलाफ पुनर्विचार याचिका पर दस्तखत किए जाने हैं। इससे पहले बुधवार को पाकिस्तान ने जाधव को याचिका दाखिल करने की इजाजत दी थी और गुरुवार को भारत को राजनयिक पहुंच भी दी।
अनजान जगह पर जेल में मुलाकात
इस मुलाकात के लिए जाधव को एक ‘सब-जेल’ में रखा गया है जिसकी लोकेशन गुप्त रखी गई है। यहां दोपहर 3 बजे उनकी मुलाकात पाकिस्तानी अधिकारियों की मौजूदगी में भारतीय राजनयिकों उप-उच्चायुक्त गौरव अहलूवालिया और फर्स्ट जनरल सेक्रटरी चेराकुंग जेलियांग से हुई। दोनों अधिकारी जिस गाड़ी से पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय पहुंचे थे उसे वहीं छोड़ दिया गया और इस ‘सब-जेल’ तक उन्हें दूसरी गाड़ी में ले जाया गया।

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मुलाकात के दौरान ये थे नियम –
भारतीय अधिकारियों को जाधव से अंग्रेजी में बात करने के लिए कहा गया था। पाकिस्तान का कहना है कि उसने भारतीय अधिकारियों को जाधव से आराम से बात करने दी और बीच में हस्तक्षेप नहीं किया गया। इसी के साथ मुलाकात के वक़्त भारतीय अधिकारी के साथ पकिस्तान के अधिकारी भी मौजूद थे . पाकिस्तान की ओर से बयान जारी कर यह भी कहा गया है कि इससे पहले 2019 में भारत को पहली राजनयिक पहुंच दी गई थी और 2017 में जाधव की मां और पत्नी को उनसे मिलने दिया गया था।

कुलभूषण जाधव के लिए कांसुलर एक्सेस पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव का कहना है कि “हम अभी तक अपने अधिकारियों (जो पाकिस्तान में कुलभूषण जाधव से मिले थे) से बात नहीं की है”। अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि एक बार जब वे रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे तभी हम कुछ टिपण्णी करेंगे।





