जानें, कौन हैं भारतीय नर्स निमिषा प्रिया जिसे यमन में मिली फांसी की सजा?

जानें, कौन हैं भारतीय नर्स निमिषा प्रिया जिसे यमन में मिली फांसी की सजा?
यमन के सुप्रीम कोर्ट ने एक भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को मौत की सजा सुनाई है। निमिषा पर एक यमनी नागरिक की हत्या का आरोप है। कोर्ट ने एक नागरिक, तलाल अब्दो महदी की हत्या के मामले में उन्हें मौत की सजा सुनाई है। वहां के राष्ट्रपति राशिद अल-अलीमी ने भी उनकी अपील ठुकराते हुए सजा पर मुहर लगा दी है। राष्ट्रपति के आदेश के बाद 2017 से जेल में बंद निमिषा को अगले कुछ महीने में कभी भी फांसी की सजा दी जा सकती है।
विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘‘हमें यमन में सुश्री निमिशा प्रिया की सजा के बारे में पता है। हम समझते हैं कि प्रिया का परिवार प्रासंगिक विकल्पों पर विचार कर रहा है।’’ जायसवाल ने मीडिया के एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘सरकार इस मामले में हरसंभव मदद मुहैया करा रही है।’’
केरल की रहने वाली निमिषा प्रिया को कथित तौर पर एक यमन नागरिक की हत्या के लिए मौत की सजा सुनाई गई है। निमिषा 16 साल पहले यमन गई थीं। उनका परिवार दिहाड़ी मजदूरी करता था इसलिए उन्होंने घरवालों की वित्तीय मदद के लिए यमन जाने का फैसला किया। यहां उन्होंने 2008 से 2014 के बीच यमन के अलग-अलग अस्पतालों में नर्स के तौर पर काम किया।
इसके बाद उन्होंने अपना क्लीनिक खोलने का फैसला किया। यमन का कानून कहता है कि देश में कोई भी बिजनेस शुरू करने के लिए किसी यमनी नागरिक का पार्टनर होना जरूरी है इसलिए निमिषा क्लीनिक के लिए कोई पार्टनर ढूंढ रही थीं। जिसके बाद 2015 में निमिषा और तलाल ने मिलकर वहां एक क्लीनिक शुरू किया था।
तलाल ने धोखे से क्लीनिक में अपना नाम शेयरहोल्डर के तौर पर शामिल करके आधी आय हड़पने की कोशिश की और खुद को निमिषा के पति के तौर पर पेश किया। जब निमिषा ने इस बारे में पूछताछ की तो दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। तलाल ने उसके साथ मारपीट और यौन शोषण करना शुरू कर दिया।
उत्पीड़न से तंग आकर निमिषा ने जुलाई 2017 में तलाल को एक नशीला इंजेक्शन दे दिया जिससे उसकी मौत हो गई। निमिषा का कहना है कि उसका इरादा उसे मारने का नहीं था और वह सिर्फ तलाल के पास मौजूद अपने पासपोर्ट को वापस लेना चाहती थी।





