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इंदौर में गणेश उत्सव के लिए चॉकलेट गजानन बनकर तैयार, 10 दिनों तक पूजन के बाद गर्म दूध में होंगे विसर्जित

हमारे देश में गणेश उत्सव एक ऐसा त्यौहार है जिसकी गरज – चमक और धूम का कोई तोड़ नहीं है। हालाकिं इस बार कोरोना को देखते हुए पंडाल तो नहीं लगाए जायेंगे न ही गणपति बाप्पा की इतनी विशाल और सुन्दर मुर्तिया बैठायी जाएँगी मगर हमारे देश के लोग छोटे लेवल पर ही सही मगर इस उत्सव की चमक में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। गणेश उत्सव के उत्साह को लेकर ऐसा ही एक नमूना देखने मिला है मध्यप्रदेश के इंदौर में।

दरसल इंदौर में रहने वाली निधि शर्मा ने चॉकलेट के सुन्दर से गणपति बाप्पा बना के तैयार किये है। निधि का मानना है कि हम केमिकल से बनी मूर्तियों का विसर्जन नदियों में करते हैं, जिससे पर्यावरण प्रदूषण होता है। साथ ही, मूर्तियां कई वर्षों तक गलती नहीं हैं। ऐसे में पर्यावरण प्रदूषित होने के साथ-साथ ईश्वर का अपमान भी होता है। पेशे से चॉकलेट निर्माण करने वालीं निधि का कहना है कि वे इस चतुर्थी पर कुछ अलग हटकर करना चाहती थीं, इसीलिए उन्होंने चॉकलेट के गजानन तैयार किए हैं।

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कैसे रखे जाएंगे चॉकलेट के गणपति ?

जैसा ही हम सब जानते है की चॉकलेट के गणपति का पिघलने का डर हमेशा बना रहेगा। इसलिए निधि (जिसने ये चॉकलेट के गणपति बनाये है) ने बताया कि चॉकलेट गणेश प्रतिमा को सामान्य रूम टेंपरेचर पर रखा जा सकता है। मूर्ति के आसपास मूर्ति की सुरक्षा को लेकर, विशेष चीजें जिनमें इलायची, कपूर, लोंग इत्यादि रख दी जाए तो यह प्रतिमा चीटियों एवं कीड़ों से सुरक्षित रहेगी। डार्क चॉकलेट से बने गजानन का 10 दिनों तक पूजन के बाद प्रतिमा को गर्म दूध में विसर्जित किया जाएगा। ऐसे में यह दूध चॉकलेट दूध बन जाएगा, जिसे प्रसाद स्वरूप जरूरतमंद गरीब बच्चों में वितरित किया जाएगा।

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