आधी रात को डॉ. कफील खान जेल से रिहा, कोर्ट ने NSA के तहत हिरासत में लेने को बताया गैरकानूनी
इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के करीब 12 घंटे बाद डॉक्टर कफील खान आखिरकार मंगलवार देर रात मथुरा जेल से रिहा कर दिया गया। उन पर नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ भाषण को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाई गई थी। हाई कोर्ट ने हालांकि, अपने फैसले में उनकी गिरफ्तारी को न केवल गैरकानूनी कहा बल्कि तत्काल रिहाई के आदेश भी दिए थे।
क्या कहा हाई कोर्ट ने ?
मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल की पीठ ने कफील की मां नुजहत परवीन की याचिका पर आदेश जारीं कर कहा कि NSA के तहत डॉक्टर कफील को हिरासत में लेना और हिरासत की अवधि को बढ़ाना गैरकानूनी है। कफील खान को तुरंत रिहा किया जाए।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद हुए रिहा।
कफील के वकील इरफान गाजी के मुताबिक मथुरा जेल प्रशासन ने रात करीब 11 बजे उन्हें यह सूचना दी कि डॉक्टर कफील को रिहा किया जा रहा है। उसके बाद रात करीब 12 बजे उन्हें रिहा कर दिया गया।

NSA के तहत करीब साढ़े सात महीने से मथुरा जेल में थे बंद।
बता दे कि डॉ कफील सीएए के खिलाफ पिछले साल अलीगढ़ में भड़काऊ भाषण देने के आरोप में रासुका यानी NSA के तहत करीब साढ़े सात महीने से मथुरा जेल में बंद थे। उन्हें जनवरी में गिरफ्तार किया गया था। फरवरी में उन्हें अदालत से जमानत मिल गयी थी, मगर जेल से रिहा होने से ऐन पहले 13 फरवरी को उन पर फिर से NSA के तहत कार्यवाही कर दी गयी थी।
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इधर महिला संगठन ‘पिंजरा तोड़’ की देवांगना कलिता को भी मिली जमानत।
इधर दूसरी और दिल्ली हाई कोर्ट ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में साम्प्रदायिक हिंसा से जुड़े एक मामले में महिला संगठन ‘पिंजरा तोड़’ की देवांगना कलिता को भी जमानत दे दी है। जस्टिस सुरेश कुमार कैत ने कलिता को 25,000 रुपए के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर रिहा करने का आदेश दे दिया है ।

अदालत ने उन्हें गवाहों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर प्रभावित करने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ ना करने का भी निर्देश दिया। बता दे सीएए विरोधी प्रदर्शनों के बाद भड़की हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मई में नताशा नरवाल के समूह की कलिता और अन्य सदस्यों को मई में गिरफ्तार किया था।





