ताज़ा खबरेंभारतविदेश

अमेरिका के बाद अब रूस का पाकिस्तान को जवाब; कहा जम्मू-कश्मीर के दर्जे में बदलाव करना भारत का संवैधानिक फैसला

जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने के भारत सरकार के फैसले से बौखलाया पाकिस्तान हर तरफ मदद की गुहार लगा रहा है, लेकिन अब अमेरिका के बाद रूस ने भी सरकार के इस फैसले को संवैधानिक बताते हुए पाकिस्तान की मदद करने से इंकार कर दिया है.

रूस ने कहा है कि भारत ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 एवं अनुच्छेद 35 ए खत्म करने का फैसला अपने संविधान के अनुरूप किया है. साथ ही रूस ने कश्मीर मसले का समाधान शिमला समझौते एवं घोषणापत्र के तहत आपसी एवं राजनयिक बातचीत के जरिए करने के लिए कहा है.

रूस के विदेश मंत्रालय की कहा गया, हमें उम्मीद है कि भारत-पाकिस्तान के मतभेदों को द्विपक्षीय आधार पर राजनीतिक और राजनयिक तरीकों से हल किया जाएगा. भारत और पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में किए गए बदलाव के बाद किसी तरह के तनाव को बढ़ावा नहीं देंगे.

रूस के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को जारी अपने बयान में कहा, ‘मास्को को उम्मीद है कि जम्मू एवं कश्मीर के दर्जे में नई दिल्ली की ओर से बदलाव किए जाने के बाद भारत और पाकिस्तान क्षेत्र में स्थिति खराब नहीं होने देंगे. हमारा मानना है कि जम्मू-कश्मीर राज्य के दर्जे में बदलाव और दो केंद्रशासित प्रदेशों में उसका बंटवारा भारतीय संविधान के ढांचे के अनुरूप हुआ है.’

ALSO READ: डीएमके के काथिर आनंद ने वेल्लोर लोकसभा उपचुनाव जीता

मंत्रालय ने आगे कहा,’भारत और पाकिस्तान के रिश्ते सामान्य रहें, रूस इसका हमेशा से समर्थक रहा है। हमें उम्मीद है कि दोनों देश द्विपक्षीय, राजनीतिक एवं राजनयिक तरीके से अपने मतभेद सुलझा लेंगे.’

रूस ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान को शिमला समझौते एवं लाहौर घोषणापत्र के अनुरूप कश्मीर समस्या का हल ढूंढना होगा. रूस ने जम्मू-कश्मीर के दर्जे में बदलाव को भारत का आंतरिक मसला बताया है.

बता दें कि भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने शुक्रवार को कहा कि अब पाकिस्तान को जम्मू एवं कश्मीर के सच को स्वीकार कर लेना चाहिए और उसे भारत के आंतरिक मामलों में दखल देना पूरी तरह बंद कर देना चाहिए.

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button