रजिस्टर्ड पोस्ट का अंत! जानिए क्या है सरकार की नई योजना

देश की पारंपरिक डाक सेवा में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 1 सितंबर 2025 से इंडिया पोस्ट अपनी रजिस्टर्ड पोस्ट सेवा को स्पीड पोस्ट में मिला देगा, यानी अब रजिस्टर्ड पोस्ट अलग से नहीं मिलेगी। यह फैसला डाक विभाग (DoP) ने एक आंतरिक सर्कुलर में 2 जुलाई 2025 को लिया। डाक विभाग का कहना है कि इस बदलाव का मकसद डाक सेवाओं को सरल बनाना, उनकी गुणवत्ता बेहतर करना और तकनीकी रूप से उन्हें अधिक मजबूत बनाना है। सर्कुलर में कहा गया है, “इस पहल से कामकाज की प्रक्रिया आसान होगी, ट्रैकिंग बेहतर होगी और ग्राहकों को एकीकृत सेवा के जरिए ज़्यादा सहूलियत मिलेगी।”
30 अगस्त 2025 तक आम लोग रजिस्टर्ड पोस्ट और स्पीड पोस्ट—दोनों सेवाएं ले सकेंगे। लेकिन 1 सितंबर से रजिस्टर्ड पोस्ट पूरी तरह बंद हो जाएगी और उसकी सभी ज़िम्मेदारियां स्पीड पोस्ट में समाहित कर दी जाएंगी। रजिस्टर्ड पोस्ट का इस्तेमाल आमतौर पर कानूनी नोटिस, सरकारी दस्तावेज़, और नौकरी से जुड़ी चिट्ठियों के लिए किया जाता रहा है। इसमें सबसे खास बात थी—प्रूफ ऑफ डिलीवरी यानी यह पुष्टि कि चिट्ठी सही व्यक्ति को मिली।
वहीं, स्पीड पोस्ट सेवा 1986 में शुरू की गई थी, जिसमें समयबद्ध और तेज़ डिलीवरी पर ज़ोर दिया गया है। अब दोनों सेवाओं को एक किया जाएगा। इसका मतलब है कि जो सुविधाएं रजिस्टर्ड पोस्ट में मिलती थीं, वो अब स्पीड पोस्ट के वैल्यू एडेड सर्विस के रूप में कुछ अतिरिक्त शुल्क पर उपलब्ध रहेंगी।
डाक विभाग ने अपने सभी डिवीज़न और निदेशालयों को कहा है कि वे अपने सभी प्रशासनिक दस्तावेजों, ट्रेनिंग मैन्युअल्स, SOPs, और टेक्निकल गाइडलाइंस में “रजिस्टर्ड पोस्ट” से जुड़े सभी पुराने संदर्भों की समीक्षा करें और बदलाव करें।





