भारत

‘यह पहली बार नहीं हैं…’: अमेरिका से डिपोर्ट किए गए भारतीयों पर बोले एस जयशंकर

राज्यसभा में बजट सत्र के दौरान अमेरिका द्वारा भेजे गए प्रवासी भारतीयों को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपना बयान दिया है. उन्होंने कहा, “हम अमेरिकी सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वापस लौटने वाले निर्वासितों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार न हो.”

कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला द्वारा अमेरिका से निर्वासित किए गए भारतीय नागरिकों के बारे में राज्यसभा में उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, “हम जानते हैं कि कल 104 लोग वापस भारत पहुंचे हैं. हमने ही उनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि की है. यह सभी देशों का दायित्व है कि यदि उनके नागरिक विदेश में अवैध रूप से रह रहे पाए जाते हैं तो उन्हें वापस ले लिया जाए. यह पहली बार नहीं हैं. आज से पहले भी जो लोग गौर-कानूनी तरीके से किसी भी दूसरे देश में रहते हुए पाए जाते थे, उन्हें देश भेजा जाता था. मैं आपसे यह साफ कर देना चाहता हूं कि मोबिलिटी और माइग्रेशन किसी देश को आगे बढ़ाने में काफी अहम भूमिका निभाती है. एक देश के तौर पर हम लीगल तौर मोबिलिटी को बढ़ावा देते हैं, जबकि इलीगल मोबिलिटी को हम कभी भी बढ़ावा नहीं देते. हमारे जो भी नागरिक गैर-कानूनी तरीके से किसी भी दूसरे देश में गए हैं, वो देश अपने कानून के हिसाब से उन्हें पकड़कर वापस भेजता है. ये प्रक्रिया कोई नई नहीं है.

 

उन्होंने आगे कहा, “अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वापस लौटने वाले प्रत्येक व्यक्ति (अमेरिका से निर्वासित भारतीय) के साथ बैठें और पता लगाएं कि वे अमेरिका कैसे गए, एजेंट कौन था, और हम कैसे सावधानी बरतें ताकि यह फिर न हो…”

 

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सदन में कहा कि जो भारतीय किसी भी देश में अवैध तरीके से रह रहे थे उन्हें स्वदेश भेजने की प्रक्रिया 2009 से ही चली आ रही है. जबकि लोगों को विमान से भेजे जाने की प्रथा 2012 से चल रही है. इस प्रक्रिया में कुछ भी नया नहीं किया गया है.

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