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फैक्ट चेक: G20 समिट के लिए नहीं खरीदी बुलेटप्रूफ गाड़ियां, भ्रामक है सरकार द्वारा 400 करोड़ की गाड़ियां खरीदने का दावा 

फैक्ट चेक: G20 समिट के लिए नहीं खरीदी बुलेटप्रूफ गाड़ियां, भ्रामक है सरकार द्वारा 400 करोड़ की गाड़ियां खरीदने का दावा 

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अगले सप्ताह जी 20 समिट के 18वें सम्मलेन का आयोजन होने जा रहा है। इस बार भारत G20 समिट की अध्यक्षता कर रहा है। इस 18वें सम्मलेन में हिस्सा लेने के लिए दुनिया के कई देशों के राष्ट्रीय अध्यक्ष भारत पहुंचेंगे। ऐसे में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी वायरल हो रहा है। पोस्ट में दावा किया जा रहा भारत ने G20 की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए 50 लक्ज़री बुलेट प्रूफ ऑडी कार खरीदीं हैं, जिसकी कीमत करीब चार सौ करोड़ रुपए हैं।

फेसबुक में वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए अंग्रेजी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि Indian government buying 50 bulletproof Audi cars for G20 Summit, may cost over Rs 400 crore.

हिंदी अनुवाद- भारत सरकार G20 शिखर सम्मेलन के लिए 50 बुलेटप्रूफ ऑडी कारें खरीद रही है, जिसकी लागत 400 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

फैक्ट चेक 

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल दावा गलत है। सरकार ने सिर्फ 20 ऑडी बुलेट रेसिस्टेन्स कार ही खरीदी हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट की सच्चाई जानने के लिए हमने पड़ताल की। पड़ताल के दौरान हमने सबसे पहले कुछ सम्बंधित कीवर्ड्स  माध्यम से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमने वायरल पोस्ट से संबंधित कोई उचित परिणाम नहीं मिले।

इसक मामले की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर बारीकी से खोजना शुरू किया। जिसके बाद हमें प्लेटफार्म X (जो पहले ट्विटर के नाम से जाना जाता था)  पर भारत सरकार के ट्विटर हैंडल PIB फैक्ट चेक पर हैंडल पर वायरल पोस्ट से जुड़ा एक पोस्ट मिला। जिसमें PIB फैक्ट चेक ने वायरल दावे को गलत बताया।

इसी के बाद PIB ने इसी पोस्ट के थ्रेड में एक और पोस्ट किया है, जहाँ उन्होंने यह जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने सुरक्षा के मद्देनज़र 20 बुलेटरेजिस्टेंस ऑडी लीज पर ली हैं। जिनकी कीमत सिर्फ 18 करोड़ रुपए हैं।

पड़ताल के दौरान हमने गूगल पर मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल पोस्ट भ्रामक है। भारत सरकार ने सिर्फ सुरक्षा के मद्देनज़र 20 बुलेटरेजिस्टेंस ऑडी लीज पर ली हैं। जिनकी कीमत सिर्फ 18 करोड़ रुपए हैं। न की 400 सौ करोड़।

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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