ताज़ा खबरें

न्यूज़क्लिक वेबसाइट से जुड़े पत्रकारों के ठिकानों पर दिल्ली पुलिस ने मारी रेड, UAPA के तहत दर्ज हुआ मामला

न्यूज़क्लिक वेबसाइट से जुड़े पत्रकारों के ठिकानों पर दिल्ली पुलिस ने मारी रेड, UAPA के तहत दर्ज हुआ मामला

 

न्यूज़क्लिक वेबसाइट को चीन से फंडिंग विवाद मामले के बीच दिल्ली पुलिस ने आज सोमवार को वेबसाइट से जुड़े पत्रकारों के ठिकानों पर छापेमारी की। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा यह छापे मारी की जा रही है। स्पेशल सेल ने मंगलवार को सुबह-सुबह एक साथ दिल्ली, नोएडा, गजियाबाद में रेड मारी है।

 

रेड के दौरान पुलिस की स्पेशल सेल ने मोबाइल और लैपटॉप, कंप्यूटर समेत कई इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस जब्त किए हैं। इसके अलावा हार्ड डिस्क का डेटा भी लिया गया है। कई फाइलें भी जब्त की गई हैं। दिल्ली पुलिस के इस कार्रवाई के बाद पत्रकार अभिसार शर्मा ने सोशल मीडिया पोस्ट की है। उन्होंने कहा है कि दिल्ली पुलिस उनके घर से लैपटॉप और उनका फोन ले गई है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक न्यूज़क्लिक से जुड़े विभिन्न परिसरों पर चल रही दिल्ली पुलिस की छापेमारी 17 अगस्त को UAPA और IPC की अन्य धाराओं के तहत दर्ज मामले पर आधारित है। UAPA, IPC की धारा 153A (दो समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), IPC की धारा 120B (आपराधिक साजिश) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इस दौरान न्यूज़क्लिक से जुड़े विभिन्न परिसरों पर हुई छापेमारी पर कांग्रेस ने ता प्रमोद तिवारी ने कहा, “लगता है कि तानाशाही आ चुकी है। मीडिया की अभिव्यक्ति, स्वतंत्रता ही नहीं बल्कि आर्थिक, सामाजिक रूप से भी अंकुश लगाया जा रहा है… अगर (कोई पत्रकार) बाहर निकलकर स्वतंत्र रूप से बोलेगा तो उसे गिरफ्तार करेंगे और इस तरह करेंगे कि जल्दी जमानत भी नहीं मिलेगी। आने वाले चुनाव से पहले भाजपा सभी पत्रकारों को संदेश दे रही है। हमने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी और लड़ते रहेंगे लेकिन उसकी आड़ में अगर पत्रकारों को झूठा फंसाया जाएगा तो हम उनके साथ खड़े हैं।”

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button