छत्तीसगढ़: बीजापुर में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता, 8 नक्सली ढेर, भारी मात्रा में हथियार बरामद
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के गंगालुर थाना क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 8 नक्सली मारे गए हैं। यह मुठभेड़ तोड़का इलाके के घने जंगलों में हुई, जहां डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) के जवानों ने संयुक्त अभियान चलाया। मुठभेड़ के बाद जवानों ने सभी नक्सलियों के शव बरामद कर लिए हैं, जबकि तलाशी अभियान अभी भी जारी है।
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षाबलों को नक्सलियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी, जिसके आधार पर डीआरजी, एसटीएफ, कोबरा बटालियन 2022 और सीआरपीएफ 222 बटालियन की टीम गंगालुर और कोरचोली के जंगलों की ओर रवाना हुई। शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे दोनों ओर से गोलियां चलने लगीं, जो घंटों तक जारी रही। इस दौरान सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के कई स्वचालित हथियार भी जब्त किए हैं।
इससे पहले, नक्सल प्रभावित गरियाबंद जिले में भी सुरक्षाबलों ने बड़ी सफलता हासिल की थी। कुल्हाड़ी घाट स्थित भालू डिग्गी जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में 14 नक्सली मारे गए थे। इस दौरान सीआरपीएफ की कोबरा यूनिट का एक जवान घायल हुआ था। मौके से 14 नक्सलियों के शव और भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए थे।
नक्सली गतिविधियों के खिलाफ लगातार हो रही कार्रवाई के बीच बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण भी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अनुसार, अब तक 941 नक्सलियों ने सरेंडर किया है, जबकि 1,112 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, मुठभेड़ों में 250 से अधिक नक्सली मारे जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सली अपनी “खोखली विचारधारा” से तंग आ चुके हैं और अब मुख्यधारा में लौट रहे हैं। हाल ही में बस्तर संभाग में दो दिनों के भीतर 43 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें नारायणपुर जिले के 27 और सुकमा जिले के 9 नक्सली शामिल हैं।\
सरेंडर का यह सिलसिला केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र और झारखंड में भी बड़ी संख्या में नक्सली हथियार डाल रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने इसे नक्सलवाद के अंत की ओर बढ़ते कदम के रूप में देखा है और कहा कि सरकार विकास कार्यों को और तेज करेगी ताकि प्रभावित इलाकों में स्थायी शांति स्थापित की जा सके।





