हाथरस भगदड़ त्रासदी: हाथरस हादसे में अबतक 6 लोग गिरफ्तार, आरोपी बाबा की नहीं हो सकी गिरफ्तारी

हाथरस: यूपी के हाथरस जनपद के सिकदराराऊ के फुलराई गांवो में सूरज पल उर्फ़ नारायण साकार हरि उर्फ़ भोले बाबा के सत्संग के बाद मची भगदड़ में अभी तक 121 लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन बाबा अभी भी फरार है. पुलिस लगातार जांच में जुटी हुई है. हाथरस भगदड़ घटना पर शलभ अलीगढ़ IG माथुर ने बताया, “हाथरस हादसे में भारतीय न्याय संहिता की धारा-105, 110, 126(2), 223 और 238 के अंतर्गत मामला दर्ज़ किया गया. साथ ही अभी तक 6 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
शलभ अलीगढ़ IG माथुर ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि, “भारतीय न्याय संहिता की धारा-105, 110, 126(2), 223 और 238 के अंतर्गत मामला दर्ज़ किया गया…अभी तक 6 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है… अगर जरूरत पड़ेगी तो पूछताछ की जाएगी. FIR के अंदर उनका (नारायण साकार उर्फ भोले बाबा) नाम नहीं है. ज़िम्मेदारी आयोजक की होती है. आयोजक का नाम FIR में है. आयोजक पर 1 लाख रुपए का ईनाम भी घोषित किया गया है. उनके साथ जो सेवादार थे, जिन्होंने भीड़ को रोकने की कोशिश की. जो वहां से भाग गए. जिन्होंने पुलिस के साथ सहयोग नहीं किया. उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.”
हाथरस हादसे में पुलिस ने कार्यक्रम के आयोजक देव प्रकाश मधुर को मुख्य आोरपी बनाया है. हालांकि वो अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. पुलिस की टीमें नौ जिलों में आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है. वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं. इसके लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज बृजेश श्रीवास्तव की अध्यक्षता ने तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है.
हाथरस हादसे में एक FIR दर्ज कराई जा चुकी है. इसके मुताबिक, सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र के फुलरई-मुगलगढ़ी के बीच जीटी रोड के पास नारायण साकार विश्व हरि उर्फ भोले बाबा के सत्संग का आयोजन देवप्रकाश मधुकर और अन्य लोगों ने कराया था. देवप्रकाश हाथरस का ही रहने वाला है और बाबा का मुख्य सेवादार है. आयोजनकर्ताओं ने लाखों की भीड़ की स्थिति को छिपाते हुए इस कार्यक्रम में करीब 80000 की भीड़ इकट्ठा होने की अनुमति मांगी थी. मगर मौके पर लगभग ढाई लाख से ज्यादा श्रृद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई.
गौरतलब है कि भगदड़ के बाद से ही बाबा फरार हैं. इस बीच उसका एक बयान भी सामने आया कि वह भगदड़ से पहले ही वहां से निकल गया था. उधर पुलिस ने बुधवार को मैनपुरी आश्रम में भी छापेमारी की, लेकिन बाबा वहां नहीं मिला. कुछ मीडिया रिपोर्ट यह भी दावा कर रही है कि बाबा मैनपुरी के आश्रम में ही मौजूद हैं. अगर ऐसा है तो पुलिस उसे गिरफ्तार क्यों नहीं कर रही हैं.





