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सुब्रमण्यम स्वामी ने अपनी ही पार्टी पर दिया बयान, कहा भाजपा के एकमात्र पार्टी होने से लोकतंत्र को खतरा

कर्नाटक और गोवा में राजनीतिक संकट के बीच, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने अपनी ही पार्टी पर सवाल उठाए हैं. स्वामी अपने बयान के लिए एक बार फिर चर्चा में हैं, जिसमें उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर भी तीखा हमला बोला है.

बीजेपी नेता ने ट्विटर पर लिखा, “गोवा और कश्मीर को देखने के बाद, मुझे लगता है कि अगर हम एक ही पार्टी के रूप में बीजेपी के साथ रह गए तो देश का लोकतंत्र कमजोर हो जाएगा.”

कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को सलाह देते हुए सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, “विपक्ष इटालियंस और संतान को पार्टी से हटने के लिए कहे. ममता इसके बाद एकजुट कांग्रेस की अध्यक्ष बनें. एनसीपी को भी कांग्रेस में विलय करना चाहिए.”

यह पहली बार नहीं है जब स्वामी ने इस तरह का बयान दिया है. स्वामी अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं. उनका यह ट्वीट ऐसे समय आया है जब गोवा और कर्नाटक के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर विपक्ष बीजेपी पर हमलावर है. कर्नाटक में, कांग्रेस जद (एस) गठबंधन सरकार पर संकट के दौर से गुजर रही है.

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जबकि गोवा में, कांग्रेस के 15 में से 10 विधायक पार्टी छोड़कर गुरुवार को भाजपा में शामिल हो गए हैं. दक्षिणी राज्य कर्नाटक में, कांग्रेस लगातार भाजपा को सरकार की अस्थिरता के लिए जिम्मेदार ठहरा रही है. वहीं, भाजपा का कहना है कि इस संकट के पीछे उनकी पार्टी जिम्मेदार नहीं है बल्कि कांग्रेस और जद (एस) खुद ज़िम्मेदार है.

इसके अलावा राज्यसभा में विपक्षी नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद ने भी भाजपा पर लोकतंत्र को खतरे में डालने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा,’ऐसा लगता है कि बीजेपी सरकार सिर्फ धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र और विपक्ष को खत्म करने के लिए ही सत्ता में आई है. आजाद ने कहा कि बीजेपी का एकमात्र लक्ष्य एक राजनीतिक पार्टी है. यह कहीं से भी लोकतंत्र और संविधान के अनुरूप नहीं.’

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