विश्व के इन नेताओं ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के निधन पर व्यक्त किया शोक, दी श्रद्धांजलि

विश्व के इन नेताओं ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के निधन पर व्यक्त किया शोक, दी श्रद्धांजलि
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का गुरुवार को दिल्ली के एम्स में उनका निधन हो गया। उनके निधन से देश व दुनिया में शोक की लहर है, जहां एक तरफ भारत के सभी नेता उनके निधन पर शोक संवेदनाएं व्यक्त का रहे हैं, वहीं दुनिया के कई नेताओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसी क्रम में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों व नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल समेत दुनिया के कई नेताओं ने मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है।
मैक्रों ने कहा कि भारत ने एक “महान व्यक्ति” और फ्रांस ने एक “सच्चा मित्र” खो दिया है। मैक्रो ने उनके परिवार और भारत के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। एक्स पर साझा की गई एक पोस्ट में मैक्रों ने कहा, “भारत ने एक महान व्यक्ति और फ्रांस ने एक सच्चा मित्र, डॉ. मनमोहन सिंह के रूप में खो दिया है। उन्होंने अपना जीवन अपने देश के लिए समर्पित कर दिया था। हमारी संवेदनाएँ उनके परिवार और भारत के लोगों के साथ हैं।”
India has lost a great man, and France a true friend, in the person of Dr. Manmohan Singh. He had devoted his life to his country. Our thoughts are with his family and the people of India.
— Emmanuel Macron (@EmmanuelMacron) December 27, 2024
नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भारत का एक “दूरदर्शी नेता” बताया और भारत सरकार और भारत के लोगों तथा शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
“हम भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन से बेहद दुखी हैं। डॉ. सिंह भारत के एक दूरदर्शी नेता थे। मैं भारत सरकार और भारत के लोगों तथा शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना और संवेदना व्यक्त करता हूँ,” पौडेल ने एक्स पर पोस्ट किया।
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भारत ने अपने सबसे शानदार बेटों में से एक को खो दिया है। उन्हें “अफगानिस्तान के लोगों का अटूट सहयोगी और मित्र” कहते हुए, करजई ने सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। करजई ने एक्स पर कहा, “#भारत ने अपने सबसे शानदार बेटों में से एक को खो दिया है। #डॉ_मनमोहन_सिंह #अफगानिस्तान के लोगों के लिए एक अटूट सहयोगी और मित्र थे। मैं उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करता हूं और उनके परिवार, सरकार और भारत के लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। उनकी आत्मा को शाश्वत शांति मिले।”
#India has lost one of its most illustrious sons. #Dr_Manmohan_Singh was an unwavering ally and friend to the people of #Afghanistan. I profoundly mourn his passing and extend my deepest condolences to his family, the government, and the people of India.
May his soul find… pic.twitter.com/ZrY5bCFVIR— Hamid Karzai (@KarzaiH) December 26, 2024
मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने लिखा कि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री को एक “दयालु पिता तुल्य” और मालदीव का एक अच्छा मित्र पाया। “मनमोहन सिंह के निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। मुझे हमेशा उनके साथ काम करना अच्छा लगता था और वे एक दयालु पिता तुल्य थे। वे मालदीव के अच्छे मित्र थे।”
So sad to hear Manmohan Singh has passed. I always found him a delight to work with, and like a benevolent father figure. He was a good friend of the Maldives. @HCIMaldives pic.twitter.com/I0vnfimKpl
— Mohamed Nasheed (@MohamedNasheed) December 26, 2024
भारत में रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने कहा कि सिंह का निधन भारत और रूस के लिए बहुत दुख और शोक का क्षण है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “यह भारत और रूस के लिए बहुत दुख और शोक का क्षण है। हमारे द्विपक्षीय संबंधों में डॉ. मनमोहन सिंह का योगदान अतुलनीय था। उनका सौम्य व्यवहार हमेशा आकर्षक था, क्योंकि एक अर्थशास्त्री के रूप में उनकी विशेषज्ञता और भारत की प्रगति के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर कोई सवाल नहीं उठा सकता था।”
It is moment of poignant sorrow and grief for India and for Russia. Dr Manmohan Singh‘s contribution to our bilateral ties was immeasurable. His suave demeanor was always endearing as unquestionable was his expertise as an economist and his commitment to the progress of India. pic.twitter.com/rxjUQsFgj5
— Denis Alipov 🇷🇺 (@AmbRus_India) December 26, 2024
गौरतलब है कि साल 1932 में जन्मे मनमोहन सिंह ने 2004 से 2014 तक दो बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। उन्होंने 2004 में पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, जब 2004 के लोकसभा चुनाव में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए के खिलाफ कांग्रेस की जीत हुई थी। उन्होंने 2009 से 2014 तक अपना दूसरा कार्यकाल पूरा किया। उसके बाद 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्थान लिया।






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References:
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