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यूपी PCS-J की परीक्षा में हुई धांधली, रिश्वत लेकर बदली गईं 50 कॉपियां

यूपी PCS-J की परीक्षा में हुई धांधली, रिश्वत लेकर बदली गईं 50 कॉपियां

 

NEET परीक्षा में अनियमितताओं का मसला अभी चल ही रहा हैं कि अब एक यूपी पीसीएस ज्यूडिसियल की परीक्षा में धांधली की खबर सामने आ गयी। यूपी लोक सेवा आयोग ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्वीकार कर लिया है कि परीक्षा में धांधली हुई है। उत्तर प्रदेश में PCS जूडिशियल की परीक्षा में धांधली की गई है। मुख्य परीक्षा में 50 कॉपियां बदली गई थीं।

गौरतलब है कि  यूपी लोक सेवा आयोग द्वारा सिविल जजेज के पदों पर भर्ती के लिए आयोजित की जाने वाली पीसीएस जे की मुख्य परीक्षा में गड़बड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. जिसमें यूपी लोक सेवा आयोग ने खुद इलाहाबाद हाईकोर्ट के सामने यह माना है कि रिजल्ट तैयार करने वाले अफसरो की लापरवाही के चलते गलत कोडिंग की वजह से पचास अभ्यर्थियों की कॉपियां बदल गई थी। बता दें कि इस मामले में आयोग ने रिजल्ट तैयार करने वाले पांच अधिकारियों को दोषी मानते हुए तीन को सस्पेंड कर दिया है।

बता दें कि अभ्यर्थी श्रवण कुमार पांडेय की याचिका पर सुनवाई के यूपी लोक सेवा आयोग ने यूपी पीसीएस जे 2022 की मुख्य परीक्षा के पचास अभ्यर्थियों की कॉपियों की अदला-बदली की बात कबूली है। आयोग ने हाईकोर्ट में बताया कि पचीस पचीस कापियों के दो बंडल आपस में बदल गए थे और इसी वजह से पचास कापियों पर गलत कोडिंग हो गई थी।

आयोग ने इस मामले में जांच के बाद पांच अधिकारियों को दोषी पाया है। आयोग ने लापरवाही बरतने के मामले में अनुभाग अधिकारी शिव शंकर, समीक्षा अधिकारी नेहा शुक्ला और सहायक समीक्षा अधिकारी भगवती देवी को सस्पेंड कर दिया है।

इसके अलावा पर्यवेक्षक का काम देखने वाले उप सचिव सतीश चंद्र मिश्र के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है और उन्हें आरोप पत्र जारी किया जा रहा है। कुछ दिनों पहले ही रिटायर्ड हो चुकी सहायक समीक्षा अधिकारी चंद्रकला को भी दोषी मानते हुए शासन से उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए मंजूरी मांगी गई है। उनके खिलाफ नियम 351 ए के तहत कार्रवाई के लिए मंजूरी मांगी गई है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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