“मरना पसंद करूंगा पर झुकना नहीं…”: सभापति जगदीप धनखड़

सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर विवाद के बीच शुक्रवार को राज्सभा के सभापति जगदीप धनखड़ और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच वाकयुद्ध छिड़ जाने के बाद राज्यसभा की कार्यवाही 16 दिंसबर तक के लिए स्थगित कर दी गई. राज्यसभा अध्यक्ष ने विपक्ष पर हमला बोला और कहा कि वह “देश के लिए अपना जीवन बलिदान कर देंगे” और विपक्ष संविधान का अपमान कर रहा है.
राज्यसभा सभापति ने कहा, “मैं किसान का बेटा हूं, कमजोरी नहीं दिखाऊंगा. देश के लिए जान दे दूंगा. आपका 24 घंटे एक ही काम है, किसान का बेटा यहां क्यों बैठा है… देखिए आप क्या कह रहे हैं. मैंने बहुत कुछ सहन किया है… आपको प्रस्ताव लाने का अधिकार है लेकिन आप संविधान का अपमान कर रहे हैं.”
धनखड़ को जवाब देते हुए राज्यसभा नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि वह यहां अपनी तारीफ सुनने नहीं आए हैं.
खड़गे ने कहा, “आप (BJP) सदस्यों को अन्य दलों के सदस्यों के खिलाफ बोलने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं… मैं भी किसान का बेटा हूं. मैंने आपसे अधिक चुनौतियों का सामना किया है… आप हमारी पार्टी के नेताओं का अपमान कर रहे हैं; आप कांग्रेस का अपमान कर रहे हैं. हम यहां आपकी तारीफ सुनने नहीं आए हैं, हम यहां चर्चा के लिए आए हैं.”
खड़गे को जवाब देते हुए राज्यसभा सभापति ने कहा, “पूरी दुनिया जानती है कि आपको किसकी तारीफ अच्छी लगती है. यह जरूरी है कि सदन चले.”
सदन के सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास नोटिस पर वित्त मंत्रालय और विपक्षी दलों के हंगामें के कारण शुक्रवार को राज्यसभा की कार्यवाही नहीं चल सकी.





