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बिहार: पीएम मोदी ने जुमई भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष समारोह की शुरुआत, एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट का भी किया अनावरण

बिहार: पीएम मोदी ने जुमई भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष समारोह की शुरुआत, एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट का भी किया अनावरण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी शुक्रवार को बिहार के जुमई में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष समारोह की शुरुआत की साथ ही साथ जनजातीय गौरव दिवस पर एक स्मारक सिक्के और डाक टिकट का अनावरण किया। इसके साथ ही उन्होंने 6,640 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। इस दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद रहे हैं।

इससे पहले कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, “प्रधानमंत्री देश के लिए एक-एक काम कर रहे हैं और बिहार की भी पूरी तरह से मदद कर रहे हैं। आज जमुई में भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस पर जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन किया गया है… भगवान बिरसा मुंडा आदिवासी समाज के नायक थे जिन्होने जनजातीय समाज के लोगों के लिए संघर्ष किया था… उनके जन्म के समय बंगाल, बिहार, ओडिशा सब एक ही राज्य थे… झारखंड वर्ष 2000 में अलग राज्य बना। उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने झारखंड राज्य बनाने का निर्णय लिया… देश की आजादी और आदिवासी समाज के उत्थान में भगवान बिरसा मुंडा का बड़ा योगदान रहा…”

इसके पीएम मोदी ने जनसभा का संबोधन किया और कहा कि, “आज बहुत ही पवित्र दिन है। आज कार्तिक पूर्णिमा है, देव दीपावली है और आज गुरु नानक देव जी का 555वां प्रकाश पर्व भी है। मैं सभी देशवासियों को इन पर्वों की बधाई देता हूं। आज का दिन हर देशवासी के लिए एक और वजह से ऐतिहासिक है। आज भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती है। राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस है। मैं सभी देशवासियों को और खासतौर पर अपने आदिवासी भाई-बहनों को जनजातीय गौरव दिवस की बधाई देता हूं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज जब हम जनजातीय गौरव वर्ष की शुरुआत कर रहे हैं तब ये समझना भी बहुत जरूरी है कि इस आयोजन की आवश्यकता क्यों हुई? ये इतिहास के एक बहुत बड़े अन्याय को दूर करने का एक ईमानदार प्रयास है। आजादी के बाद आदिवासी समाज के योगदान को इतिहास में वो स्थान नहीं दिया गया जिसका मेरा आदिवासी समाज हकदार था। आदिवासी समाज वो है जिसने राजकुमार राम को भगवान राम बनाया। आदिवासी समाज वो है जिसने भारत की संस्कृति और आजादी की रक्षा के लिए, सैकड़ों वर्षों की लड़ाई को नेतृत्व दिया। लेकिन आजादी के बाद के दशकों में आदिवासी इतिहास के इस अनमोल योगदान को मिटाने के लिए कोशिश की गई। इसके पीछे भी स्वार्थ भरी राजनीति थी। राजनीति ये कि भारत की आजादी के लिए केवल एक ही दल को श्रेय दिया जाए। लेकिन अगर एक ही दल, एक ही परिवार ने आजादी दिलाई तो भगवान बिरसा मुंडा का उलगुलान आंदोलन क्यों हुआ था? संथाल क्रांति क्या थी? कोल क्रांति क्या थी?…”

पीएम मोदी ने कहा कि, “अभी कुछ दिन पहले ही देश के 60,000 से अधिक आदिवासी गांवों के विकास के लिए हमने एक विशेष योजना शुरू की है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान। इसके तहत करीब 80,000 करोड़ रुपये आदिवासी गांवों में लगाए जाएंगे। इसका मकसद आदिवासी समाज तक जरूरी सुविधाएं पहुंचाने के साथ-साथ युवाओं के लिए प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर बनाने का भी है। इस योजना के तहत जगह-जगह जनजातीय विपणन केंद्र बनेंगे। लोगों को ‘होम स्टे’ बनाने के लिए मदद दी जाएगी, प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे आदिवासी क्षेत्रों में पर्यटन को बल मिलेगा और आज जो इको-टूरिज़्म की जो परिकल्पना बनी है वो हमारे जंगलों में और आदिवासी परिवारों के बीच में संभव होगा और तब पलायन बंद हो जाएगा, पर्यटन बढ़ता जाएगा।”

 

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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