बांग्लादेश प्रधानमंत्री शेख हसीन ने दिया इस्तीफा- Live Update

ढाका: बांग्लादेश में भड़की हिंसा के बीच आज बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना सोमवार को दोपहर करीब 2:30 बजे एक सैन्य हेलीकॉप्टर से बंगाभवन से अपनी छोटी बहन शेख रेहाना के साथ “सुरक्षित स्थान” के लिए रवाना हुईं. बता दें कि बांग्लादेश के सेना प्रमुख दोपहर 3 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे. बांग्लादेश के सेना प्रमुख वाकर-उज़-ज़मान देश को पहली बार संबोधित करेंगे. गौरतलब है कि बांग्लादेश में भड़की हिंसा में अब तक 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना सोमवार को दोपहर करीब 2:30 बजे एक सैन्य हेलीकॉप्टर से बंगाभवन से अपनी छोटी बहन शेख रेहाना के साथ “सुरक्षित स्थान” के लिए रवाना हुईं: बांग्लादेश मीडिया रिपोर्ट्स#BangladeshViolence pic.twitter.com/M63EPWcrf3
— NewsMobile Samachar (@NewsMobileHindi) August 5, 2024
सूत्रों के मुताबिक, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना राजधानी ढाका छोड़कर जा चुकी हैं. ढाका में हिंसक झड़पों के बीच उन्हें सुरक्षित जगह पर ले जाया गया है. एजेंसी एएफपी को दिए एक बयान में शेख हसीना के करीबी सूत्र ने बताया, ‘शेख हसीना अपनी बहन के साथ गणभवन (प्रधानमंत्री का आधिकारिक आवास) से सुरक्षित जगह के लिए निकल गई हैं. उन्होंने बताया, ‘वो देश के नाम एक भाषण रिकॉर्ड करना चाहती थीं, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिल पाया.’
बीते कुछ दिनों में शेख हसीना सरकार और प्रदर्शनकारियों की इस टकरार में अब तक 98 लोगों की जान चली गई है और सैकड़ों अन्य घायल हुए हैं. हैरानी की बात तो यह है कि मारे गए लोगों में ज्यादातर पुलिसकर्मी हैं. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस थानों, पुलिस चौकियों, सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यालयों और उनके नेताओं के आवासों पर हमला किया तथा कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया. सरकारी नौकरियों में आरक्षण व्यवस्था के मुद्दे पर हुए बवाल को लेकर सरकार के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारी रविवार को ‘स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन’ के बैनर तले आयोजित ‘असहयोग कार्यक्रम’ में भाग लेने पहुंचे. अवामी लीग, छात्र लीग और जुबो लीग के कार्यकर्ताओं ने उनका विरोध किया तथा फिर दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई.
बता दें कि प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए गृह मंत्रालय ने रविवार शाम छह बजे से देश में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया. साथ ही सरकारी एजेंसियों ने सोशल मीडिया मंच ‘फेसबुक’, ‘मैसेंजर’, ‘व्हॉट्सऐप’ और ‘इंस्टाग्राम’ को बंद करने का आदेश दिया है.
इसलिए बांग्लादेश में हुई हिंसा-
दरअसल, बांग्लादेश सरकार ने सविल सेवा में अब आरक्षण प्रणाली को लागू करने का नया कानून बनाया है. जिसके चलते सिविल सेवा के आधे से अधिक पद अब आरक्षित हो चुके हैं. इसमें पाकिस्तान के खिलाफ 1971 के मुक्ति संग्राम के फ्रीडम फाइटर के बच्चे भी शामिल हैं. ऐसे में बांग्लादेश के छात्र अब आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों की मांग है कि देश में कोटा प्रणाली को समाप्त करना चाहिए. छात्रों का कहना है कि इस तरह के नियमों से सरकार समर्थक समूहों के बच्चों को लाभ मिलता है.





