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फैक्ट चेक: स्क्रिप्टेड है, तरबूज में केमिकल वाला इंजेक्शन लगाते हुए युवक का वीडियो, जानें पूरा सच

फैक्ट चेक: स्क्रिप्टेड है, तरबूज में केमिकल वाला इंजेक्शन लगाते हुए युवक का वीडियो, जानें पूरा सच

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कथित तौर पर एक पुलिस कर्मी एक युवको को बुरी तरह से डांटते-फटकारते हुए नज़र आरहा है। वीडियो में गौर किया जा सकता है कि पुलिस कर्मी युवको को तरबूज को लाल कलर में रंगने के लिए केमिकल वाला इंजेक्शन लगाने के जुर्म में फटकार लगा रहा है। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर हालिया दिनों में शेयर दावा किया जा रहा है कि तरबूज में केमिकल इंजेक्शन लगाने वाले एक युवको को पुलिस ने ऐसे दबोचा। इसके साथ ही इसी वीडियो के माध्यम से कहा जा रहा है कि केमिकल वाले तरबूज बेचने वालों से सावधान रहें।  

फेसबुक पर वायरल वीडियो शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि “इंजेक्शन की मदद से फुलाया जा रहा तरबूज” दरअसल गर्मी आते हीं तरबूज और अन्य फलों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में इस मांग को पूरा करने के लिए इसमें मिलावट की जाती है। ताकि अधिक से अधिक इसकी बिक्री हो सके। इसलिए कोई भी फल या सब्जी खरीदते समय उसकी बाहरी परत को ध्यान से देख कर खरीदना बहुत जरूरी है। अगर आपको इसमें कोई दाग या छेद दिखे तो इसे न खरीदें। बहुत ध्यान से देखने पर तरबूज में लगे इंजेक्शन के छेद का पता लगाया जा सकता है। तरबूज को मीठा और लाल बनाने के लिए कई बार इंजेक्शन की मदद ली जाती है और तरबूज को फुलाया जाता है।

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

 

फैक्ट चेक: 

 

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो सच्ची घटना का नहीं बल्कि स्क्रिप्टेड है।

 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को देखने पर हमें इसके असली न होने का शक हुआ। जिसके बाद हमने अपनी पड़ताल शुरू की। पड़ताल के दौरान हमने वीडियो वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च टूल के माध्यम से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो Jay pabuji Rathore Angadosh नामक यूट्यूब चैनल पर मिला हालांकि यहाँ भी वायरल वीडियो से जुड़ी कोई खास जानकारी नहीं मिली।

https://www.youtube.com/watch?v=_OvfuNXnGSo

 

इसलिए पुष्टि के लिए हमने गूगल पर और बारीकी से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमने कुछ संबंधित कीवर्ड्स और कीफ्रेम्स के माध्यम से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें Social Message नामक फेसबुक पेज पर वायरल वीडियो से मेल खाता एक दूसरा वीडियो मिला। जिसे मई 03, 2024 को अपलोड किया गया था।   जहाँ वही पुलिस वाला डंडा और वही वायरल वीडियो वाला आरोपी युवक मुँह में रुमाल बांधे हुए दिखाई दे रहा है।

वीडियो को गौर करने पर हमने जाना कि वायरल वीडियो वाले किरदार एक नाटकीय रूपांतर के रूप में काम कर रहे हैं। चूंकि वायरल वीडियो वाले किरदार उक्त फेसबुक पेज पर अपलोड अन्य वीडियो में भी देखे जा सकते हैं। Social Message नामक इस पेज के बायो में लिखा गया है कि यहाँ अपलोड किये गए कुछ वीडियो स्क्रिप्टेड हैं, जो जागरूकता एवं मनोरंजन के उद्देश्य के लिए बनाए गए हैं।

इसके बाद फेसबुक पेज को थोड़ा और खंगालने पर हमे वायरल वीडियो भी मिला। जिसे अप्रैल 29, 2024 को अपलोड किया गया था।  वीडियो के साथ यहाँ डिस्क्लेमर दिया गया है कि वायरल वीडियो सच्ची घटना पर आधारित नहीं बल्कि जागरूकता व मनोरंजन के उद्देश्य से बनाया गया है।

 

पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो सच्ची घटना का नहीं बल्कि मनोरंजन के उद्देश्य से बनाया गया है। जिसके सभी पात्र काल्पनिक हैं।

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