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फैक्ट चेक: समुदाय विशेष के लोगों द्वारा तोड़ी जा रही दरगाह का यह वीडियो है पुराना, जानें पूरा सच

फैक्ट चेक: समुदाय विशेष के लोगों द्वारा तोड़ी जा रही दरगाह का यह वीडियो है पुराना, जानें पूरा सच

 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, वीडियो में कुछ समुदाय विशेष के लोगों को एक कथित मंदिर की दीवार तोड़ते हुए देखा जा सकता है। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर हालिया दिनों में शेयर कर दावा किया जा रहा है केरल में हालिया दिनों में एक मंदिर की दीवार को समादाय विशेष के लोगों द्वारा तोड़ा जा रहा है। वीडियो को फेसबुक पर शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि “ यह है केरल के हालात, जहां हिन्दू अपने मंदिरों को चाह कर भी नहीं बचा पा रहे है। अगला नंबर कर्नाटका का सेक्युलर हिन्दू सोते रहो और मोदी योगी को गाली देते रहो…और अपने शहर मे इनका इंतजार करो

 

फेसबुक पोस्ट का आर्काइव लिंक यहाँ देखें।

फैक्ट चेक:

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों की घटना का नहीं बल्कि साल 2022 के दौरान का है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की सत्यता जानने के लिए हमे पड़ताल की। सबसे पहले हमने गूगल पर वायरल वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च टूल के माध्यम से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें भारतीय जनता पार्टी के सदस्य Satya Kumar Yadav नामक व्यक्ति के ट्विटर प्रोफइल पर वायरल वीडियो मिला। जिसे उन्होंने अक्टूबर 14, 2022 को अपलोड किया था।

सत्य कुमार यादव ने अपने पोस्ट में वायरल वीडियो को अपलोड करते हुए लिखा था कि “आंध्र प्रदेश के गुंटूर के ऊंची जाति के अशरफ मुसलमानों ने डुडेकुला पसमांदा मुसलमानों द्वारा पूजी जाने वाली दरगाह को नष्ट कर दिया। मैं पिछड़े मुसलमानों के धार्मिक अधिकारों को छीनने के कृत्य की कड़ी निंदा करता हूं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करता हूं।

उपरोक्त प्राप्त पोस्ट के मुताबिक वायरल वीडियो साल 2022 से ही इंटरनेट पर मौजूद है, इसके साथ ही वायरल वीडियो में केरल का नहीं बल्कि आंध्र प्रदेश का बताया गया है। इसी जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर और बारीकी से खोजना शुरू किया।

खोज के दौरान हमें India Today की वेबसाइट पर अक्टूबर 18, 2022 को प्रकाशित के लेख में वायरल वीडियो मिला। लेख के मुताबिक वायरल वीडियो आंध्र प्रदेश के गुंटूर में स्थित एक दरगाह का है। जहां एक मस्जिद के निर्माण के लिए दरगाह को तोड़ने का प्रयास किया गया। जिसके बाद  इलाके में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी हुई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बाद में स्थिति नियंत्रण में कर ली गयी थी। लेख में बताया गया है कि 12 अक्टूबर को गुंटूर के एलबी नगर में जब कुछ लोगों ने हथौड़े से दरगाह को तोड़ने की कोशिश की तो स्थानीय लोगों ने हस्तक्षेप कर इसे रोक दिया. पिछले 40 वर्षों से सभी समुदायों के लोग दरगाह पर प्रार्थना करते आ रहे हैं।

 

 

पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि साल 2022 आंध्र प्रदेश के गुंटूर में स्थित एक दरगाह का है। जिसे हालिया दिनों में भ्रामक दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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