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फैक्ट चेक: छोटे कपड़े पहनने के आरोप में गिरफ्तार नहीं हुई थी उर्फी जावेद, प्रैंक था गिरफ़्तारी का वीडियो, पढ़ें पूरा मामला

फैक्ट चेक: छोटे कपड़े पहनने के आरोप में गिरफ्तार नहीं हुई थी उर्फी जावेद, प्रैंक था गिरफ़्तारी का वीडियो, जानें पूरा मामला

 

सोशल मीडिया पर अपने ड्रेसिंग सेंस और फैशन को लेकर चर्चा में रहने वाली उर्फी जावेद इन दिनों एक बार फिर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जहां उन्हें कथित तौर पर मुंबई पुलिस की दो महिला कांस्टेबल द्वारा छोटे कपड़े पहनने को लेकर  गिरफ्तार किया गया।

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

फैक्ट चेक:

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो असली नहीं बल्कि बल्कि एक प्रैंक वीडियो है।

वायरल वीडियो को देखने पर हमें इसके असली न होने की आशंका हुई। जिसके बाद हमने अपनी पड़ताल की इस दौरान हमने सबसे पहले कुछ संबंधित कीवर्ड्स से गूगल पर खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें गूगल पर नवभारत टाइम्स की वेबसाइट पर नवंबर 05, 2023 को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली।

 

प्राप्त लेख में बताया गया था कि उर्फी जावेद ने मुंबई पुलिस द्वारा अपनी गिरफ़्तारी का ही फेक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। लेख में बताया गया है कि  एक्ट्रेस ने एक रील वीडियो बनाया था जिसमें उनकी टीम पुलिस की वर्दी पहनकर शूट कर रहे थे और दावा कर रहे थे कि उर्फी को छोटे कपड़े पहनने की वजह से अरेस्ट कर लिया गया है। बता दें कि में बताया गया है कि वायरल फेक वीडियो बनाने के चलते मुंबई पुलिस ने उन पर कार्रवाई की है।

इसके बाद पुष्टि के लिए हमने गूगल पर अधिक बारीकी से खोजना शुरू किया। जिसके बाद हमें Mumbai police के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से वायरल वीडियो को लेकर किया गया एक पोस्ट मिला। पोस्ट में मुंबई पुलिस ने साफ़ तौर पर बताया गया है कि

छोटे कपड़े पहनने के मामले में मुंबई पुलिस द्वारा कथित तौर पर उर्फी जावेद को गिरफ्तार नहीं है किया गया है। वायरल वीडियो में कोई सच्चाई नहीं है। पोस्ट में बताया गया है कि वीडियो में मुंबई पुलिस का प्रतीक चिन्ह और वर्दी का दुरुपयोग किया गया है। जिसके चलते उर्फी व वायरल प्रैंक वीडियो में शामिल लोगों के खिलाफ ओशिवारा पीएसटीएन में धारा 171, 419, 500, 34 आईपीसी के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि आगे की जांच जारी है, फर्जी इंस्पेक्टर गिरफ्तार है और वाहन भी जब्त कर लिया गया है।

 

 

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वायरल वीडियो की पड़ताल के दौरान हमें उपरोक्त मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो असली नहीं बल्कि एक प्रैंक वीडियो। हालांकि मुंबई पुलिस ने उर्फी जावेद पर अपनी गिरफ़्तारी का झूठा वीडियो बनाने को लेकर तथा वीडियो में मुंबई पुलिस के नाम का दुरुपयोग करने को लेकर कार्रवाई की है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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