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फैक्ट चेक: इस युवती ने कोटा में नहीं की आत्महत्या, भ्रामक दावे के साथ वायरल हुई युवती की तस्वीर

फैक्ट चेक: इस युवती ने कोटा में नहीं की आत्महत्या, भ्रामक दावे के साथ वायरल हुई युवती की तस्वीर

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। पोस्ट में एक युवती की तस्वीर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि युवती कोटा की एक कोचिंग सेंटर में पढ़ाई कर रही थी जिसने  हाल ही में आत्महत्या कर ली है। पोस्ट में बताया गया है कि वायरल तस्वीर में दिख रही छात्रा का नाम कृति है, जिसने अपने सुसाइड नोट में कोटा की कुछ कोचिंग सेंटर को बंद करने की मांग की है।

फेसबुक पर युवती की तस्वीर को शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि कोटा में आत्महत्या करने वाली छात्रा कृति ने अपने सुसाइड नोट में लिखी थी कि : -“मैं भारत सरकार और मानव संसाधन मंत्रालय से कहना चाहती हूंँ कि अगर वो चाहते हैं कि कोई बच्चा न मरे तो जितनी जल्दी हो सके इन कोचिंग संस्थानों को बंद करवा दें, ये कोचिंग छात्रों को खोखला कर देते हैं। पढ़ने का इतना दबाव होता है कि बच्चे बोझ तले दब जाते हैं। कृति ने लिखा है कि वो कोटा में कई छात्रों को डिप्रेशन और स्ट्रेस से बाहर निकालकर सुसाईड करने से रोकने में सफल हुई लेकिन खुद को नहीं रोक सकी। बहुत लोगों को विश्वास नहीं होगा कि मेरे जैसी लड़की जिसके 90+ मार्क्स हो वो सुसाइड भी कर सकती है, लेकिन मैं आपलोगों को समझा नहीं सकती कि मेरे दिमाग और दिल में कितनी नफरत भरी है। अपनी माँ के लिए उसने लिखा- “आपने मेरे बचपन और बच्चा होने का फायदा उठाया और मुझे विज्ञान पसंद करने के लिए मजबूर करती रहीं। मैं भी विज्ञान पढ़ती रहीं ताकि आपको खुश रख सकूं। मैं क्वांटम फिजिक्स और एस्ट्रोफिजिक्स जैसे विषयों को पसंद करने लगी और उसमें ही बीएससी करना चाहती थी लेकिन मैं आपको बता दूं कि मुझे आज भी अंग्रेजी साहित्य और इतिहास बहुत अच्छा लगता है क्योंकि ये मुझे मेरे अंधकार के वक्त में मुझे बाहर निकालते हैं।” कृति अपनी मां को चेतावनी देती है कि- ‘इस तरह की चालाकी और मजबूर करनेवाली हरकत 11 वीं क्लास में पढ़नेवाली छोटी बहन से मत करना, वो जो बनना चाहती है और जो पढ़ना चाहती है उसे वो करने देना क्योंकि वो उस काम में सबसे अच्छा कर सकती है जिससे वो प्यार करती है। इसको पढ़कर मन विचलित हो जाता है कि इस होड़ में हम अपने बच्चों के सपनो को छीन रहे है। आज हम लोग अपने परिवारों से प्रतिस्पर्धा करने लगे है कि फलां का बेटा-बेटी डॉक्टर बन गया, हमें भी डॉक्टर बनाना है। फलां की बेटी-बेटा सीकर/कोटा हॉस्टल में है तो हम भी वही पढ़ाएंगे,चाहे उस बच्चे के सपने कुछ भी हो…हम उन्हें अपने सपने थोंप रहे है। आज हमारे स्कूल(कोचिंग संस्थान) बच्चों को परिवारिक रिश्तों का महत्व नही सीखा पा रहे,उन्हें असफलताओं या समस्याओं से लड़ना नही सीखा पा रहे। उनके जहन में सिर्फ एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा के भाव भरे जा रहे है जो जहर बनकर उनकी जिंदगियां लील रहा है। जो कमजोर है वो आत्महत्या कर रहा है व थोड़ा मजबूत है वो नशे की ओर बढ़ रहा है। जब हमारे बच्चे असफलताओ से टूट जाते है तो उन्हें ये पता ही नही है कि इससे कैसे निपटा जाएं। उनका कोमल हदय इस नाकामी से टूट जाता है इसी वजह से आत्महत्या बढ़ रही है। I feel so disheartened to see this  मेरी सभी माता पिता से रिक्वेस्ट है की बच्चे जब १० वी तक पोहोंच जाए तो उनके साथ दोस्ती का रिश्ता बनाये! उनकी मन की भावनाओं को समझे! उनको प्यार से गाइड करे! तभी वो आपसे अपनी दिल की बात समझ और समझा पाएंगे! दिल का दर्द उनकी मनोस्थिति बयान कर पाएंगे! जरूरी नहीं है की वो सिर्फ डॉक्टर बने! उनको जो इच्छा है plz उनको समझे और उनका सच्चा साथी बनकर उनको उनको मंजिल पाने में मदद करे! मैंने भी ये फीलिंग्स समझने की कोशिश की और बच्चो का साथ दिया !

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

फैक्ट चेक: 

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल पोस्ट जिस युवती की तस्वीर इस्तेमाल की गयी है उसने आत्महत्या नहीं की।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर के साथ किए जा रहे दावे की सत्यता जानने के लिए हमने पड़ताल की। सबसे पहले हमने गूगल पर वायरल तस्वीर को गूगल लेंस के माध्यम से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें एक नजर नामक एक्स हैंडल पर वायरल तस्वीर वाली युवती का एक वीडियो मिला।

वीडियो में उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीर को फर्जी आत्महत्या वाले दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनका नाम ज्योति ठाकुर हैं, वह हिमाचल प्रदेश की रहने वाली हैं और वह कभी कोटा नहीं गयी।

इसके बाद खोज के दौरान हमें ज्योति ठाकुर का एक एक्स अकाउंट भी मिला। जहां उनका उपरोक्त पोस्ट पर प्राप्त वीडियो मिला जिसे उन्होंने  जनवरी 20,  2025 को पोस्ट किया था। गौरतलब है कि यह वही वीडियो है जिसमें उन्होंने वायरल तस्वीर की सत्यता बताई थी। वीडियो में उन्होंने वायरल पोस्ट वाली खबर को फेक बताया है। 

पड़ताल के दौरान में हमें यह ज्योति ठाकुर कि वायरल तस्वीर उनके  इंस्टाग्राम अकाउंट  पर भी मिली। जिसे उन्होंने दिसंबर 14, 2024 को अपलोड किया था। हमारी अभी तक की जांच से यह तो स्पष्ट हो गया था कि वायरल तस्वीर में दिख रही लड़की का नाम कृति नहीं है और उससे जोड़कर शेयर किए जा रहे दावे गलत हैं।

पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल पोस्ट में अपलोड की जा रही तस्वीर फर्जी दावे के साथ शेयर की गयी है। वायरल तस्वीर में दिख रही युवती कृति नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश की रहनी वाली ज्योति ठाकुर हैं।

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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