दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला: CAG रिपोर्ट पर विशेष सत्र बुलाने की मांग खारिज, BJP विधायकों को झटका

नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को एक अहम फैसले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों द्वारा CAG (कैग) रिपोर्ट पर चर्चा के लिए दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग को खारिज कर दिया। कोर्ट ने इस मामले में दखल देने से इनकार करते हुए कहा कि यह विधानसभा के अधिकार क्षेत्र का मामला है।
Delhi High Court declines to direct the calling of a special session of the Delhi Legislative Assembly to discuss the reports from the Comptroller and Auditor General (CAG) in the lead-up to the upcoming Assembly elections.
However, a bench of Justice Sachin Datta noted the… pic.twitter.com/sc25SlnZ50
— ANI (@ANI) January 24, 2025
क्या है मामला?
BJP विधायकों ने दिल्ली सरकार पर कैग रिपोर्ट में सामने आए कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए थे। इन विधायकों ने अदालत से आग्रह किया था कि विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाए, ताकि इस मुद्दे पर चर्चा की जा सके। विधायकों का आरोप था कि रिपोर्ट में दिल्ली सरकार की योजनाओं में वित्तीय अनियमितताएं और गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है।
कोर्ट का फैसला
दिल्ली हाई कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि यह न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है कि वह विधानसभा को विशेष सत्र बुलाने का निर्देश दे। कोर्ट ने कहा कि यह विधानसभा और उसके सदस्यों के विवेक का मामला है।
BJP को झटका
हाई कोर्ट के इस फैसले को BJP विधायकों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। पार्टी ने दिल्ली सरकार के खिलाफ कैग रिपोर्ट को बड़ा मुद्दा बनाकर सवाल उठाए थे और सत्र बुलाकर इस पर चर्चा की मांग की थी।
आप सरकार की प्रतिक्रिया
दिल्ली सरकार के प्रवक्ता ने हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला सरकार के संवैधानिक अधिकारों की पुष्टि करता है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने BJP पर राजनीतिकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि कैग रिपोर्ट के नाम पर विपक्ष अनावश्यक विवाद खड़ा कर रहा है।





