तीन दिवसीय दौरे पर रूस और ऑस्ट्रिया के लिए रवाना हुए PM Modi

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर रूस और ऑस्ट्रिया के रवाना हुए. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मॉस्को में 22वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे. 9 जुलाई को प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रिया जाएंगे. बता दें कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 8 जुलाई से 10 जुलाई तक रूस और ऑस्ट्रिया की आधिकारिक यात्रा के लिए रवाना हो चुके हैं. बीते दिन विदेशा मंत्रालय ने जानकारी दी कि वे 22वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में सम्मिलित होंगे. इसके बाद वे ऑस्ट्रिया के राष्ट्रपति से भी मुलाकात करेंगे.
#WATCH दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस और ऑस्ट्रिया के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर रवाना हुए।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मॉस्को में 22वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। 9 जुलाई को प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रिया जाएंगे। pic.twitter.com/wLnzb2ZBXH
— NewsMobile Samachar (@NewsMobileHindi) July 8, 2024
प्रधानमंत्री मोदी की आगामी रूस यात्रा के बारे में विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा, “प्रधानमंत्री 8-9 जुलाई को 22वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए रूसी संघ के राष्ट्रपति के निमंत्रण पर मास्को की आधिकारिक यात्रा करेंगे… अभी तक, प्रधानमंत्री का 8 जुलाई की दोपहर को मास्को पहुंचने का कार्यक्रम है. राष्ट्रपति पुतिन आगमन के दिन प्रधानमंत्री के लिए एक निजी रात्रिभोज का आयोजन करेंगे. अगले दिन, प्रधानमंत्री की बातचीत में रूस में भारतीय समुदाय के साथ बातचीत शामिल होगी. कार्यक्रम के तत्वों के हिस्से के रूप में, प्रधानमंत्री क्रेमलिन में अज्ञात सैनिक की समाधि पर पुष्पांजलि भी अर्पित करेंगे और उसके बाद प्रधानमंत्री मास्को में प्रदर्शनी स्थल का दौरा करेंगे. इन मुलाकातों के बाद दोनों नेताओं के बीच एक प्रतिबंधित स्तर की बातचीत होगी, जिसके बाद प्रधानमंत्री और रूसी राष्ट्रपति के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी…”
बता दें कि मार्च के प्रारंभ में क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को रूस आने का खुला निमंत्रण है. उन्होंने हाल ही कहा कि पुतिन और पीएम मोदी अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के मंचों पर बहुपक्षीय प्रारूप में और द्विपक्षीय प्रारूप में मिलेंगे. एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार यूक्रेन के खिलाफ चल रहे युद्ध के समाधान के लिए वार्ता और कूटनीति पर अमेरिका का रुख स्पष्ट है.





