कोहली और रोहित को लेकर गौतम गंभीर ने कही बड़ी बात, हेड कोच के तौर पर गंभीर की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस

नई दिल्ली: राहुल द्रविड़ और रवि शास्त्री जैसी उल्लेखनीय हस्तियों के बाद गौतम गंभीर ने आधिकारिक तौर पर टीम इंडिया के मुख्य कोच की कमान संभाल ली है. अपनी उद्घाटन प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने टीम में सकारात्मक माहौल बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की.
गंभीर ने कहा…“सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे हमेशा मेरा समर्थन करेंगे. मेरा लक्ष्य इसे एक खुशहाल और सुरक्षित ड्रेसिंग रूम बनाना है.”
गौतम गंभीर ने 22 जुलाई को पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने इस दौरान कोचिंग स्टाफ को लेकर अहम जानकारी दी. गंभीर ने बताया कि पूर्व ऑलराउंडर अभिषेक नायर और रेयान टेन डोशेट श्रीलंका दौरे पर असिस्टेंट कोच की भूमिका निभाएंगे. पूर्व भारतीय ऑलराउंडर साईराज बहुतुले श्रीलंका दौरे पर अंतरिम गेंदबाजी कोच की भूमिका में होंगे. टी. दिलीप फील्डिंग कोच के तौर पर श्रीलंका जाएंगे. टी. दिलीप टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम में भी इसी भूमिका में थे. माना जा रहा है कि उनका कार्यकाल बढ़ा दिया जाएगा.
मौजूदा टीम की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए, गंभीर ने कहा, “मैं एक बहुत ही सफल टीम की कमान संभाल रहा हूं. विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (डब्ल्यूटीसी) और 50 ओवर के विश्व कप में उपविजेता. I have big shoes to fill and looking forward to it.”
ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विराट कोहली और रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर एक ऐसा बयान दिया है जिसने उनके फैन्स को खुश कर दिया है. गंभीर ने माना है कि कोहली (Virat Kohli) और रोहित (Rohit Sharma) टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज हैं और उनका टीम में बने रहना युवा खिलाड़ियों के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है.
गौतम गंभीर ने दोनों को लेकर कहा कि, “मुझे लगता है कि उन्होंने दिखा दिया है कि वे बड़े मंच पर क्या कर सकते हैं, चाहे वह टी20 वर्ल्ड कप हो या 50 ओवर का वर्ल्ड कप.. एक बात जो मैं बहुत स्पष्ट रूप से कह सकता हूं कि, उन दोनों खिलाड़ियों में बहुत क्रिकेट बचा हुआ है..इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और ऑस्ट्रेलिया के बड़े दौरे आगे हैं. जाहिर है कि वे पर्याप्त रूप से प्रेरित होंगे.. और फिर, उम्मीद है, अगर वे अपनी फिटनेस बनाए रख सकते हैं, तो 2027 का वनडे वर्ल्ड भी खेल सकते हैं.”
गंभीर ने आगे कहा, “लेकिन यह एक बहुत ही व्यक्तिगत निर्णय है. मैं यह नहीं कह सकता कि उनमें कितना क्रिकेट बचा हुआ है. आखिरकार, यह उन पर भी निर्भर करता है, वे टीम की सफलता में कितना योगदान दे सकते हैं.. क्योंकि, आखिरकार, यह टीम ही है जो महत्वपूर्ण है.”





